प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साल 2025-26 में इतिहास में सबसे ज्यादा छापामारी की। एजेंसी ने कुल 2,892 छापे मारे, जो पिछले साल 1,491 के मुकाबले लगभग दोगुने हैं। ईडी की सालाना रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तारियों में कमी आई। वहीं संपत्ति अटैचमेंट और पीडि़तों को पैसे लौटाने के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई। ईडी ने 712 प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर 81,422 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की। यह पिछले साल के 30,036 करोड़ रुपए के मुकाबले 171 फीसदी ज्यादा है।

ये अटैचमेंट पीएमएलए की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी से पुष्टि के बाद स्थायी होते हैं। ईडी की गिरफ्तारियों में करीब 27 फीसदी कमी आई है। ईडी ने 156 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछले साल यह संख्या 214 और इससे पहले 272 थी। एजेंसी के मुताबिक अब वह टारगेटेड और सबूत आधारित जांच पर ज्यादा फोकस कर रही है। रिपोर्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि फ्रॉड पीडि़तों को संपत्ति लौटाना रही। एफवाई 26 में ईडी ने 32,678 करोड़ रुपए की संपत्ति निवेशकों, होमबॉयर्स और बैंकों को वापस दिलाई, जो पिछले साल 15,263 करोड़ रुपए थी।

