रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाओं की वीरता सिर्फ युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, भूकंप और सुनामी जैसी आपदा में भी सेना मदद के लिए तुरंत पहुंचती है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाओं की वीरता केवल युद्धक्षेत्र तक ही सीमित नहीं हैं। जब भी देश या दुनिया में कोई दुर्भाग्यपूर्ण आपदा आती है, चाहे वह भूकंप हो, बाढ़ हो, सुनामी हो या कुछ और, हमारे सैनिक तुरंत सहायता के लिए पहुंच जाते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शौर्य संध्या कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि चाहे युद्धक्षेत्र में शौर्य का प्रदर्शन हो या पीड़ितों की सेवा, हमारे सशस्त्र बलों ने हर जगह अपना शौर्य प्रदर्शित किया है। रक्षा मंत्री ने भारतीय रक्षा बलों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके अद्वितीय शौर्य और अदम्य साहस ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बना दिया।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रक्षा मंत्री ने सैनिकों के शौर्य, समर्पण और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि और स्वयं से पहले सेवा का उनका सिद्धांत प्राचीन काल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर जैसे समकालीन अभियानों तक भारत की सैन्य परंपराओं का आधार रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक अपने लोगों की रक्षा के लिए हथियारों का इस्तेमाल करते हैं और संकट के समय जरूरतमंदों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाते हैं। यही हमारे रक्षा बलों की पहचान है।

