केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम’ लॉन्च करेंगे, जो सीमाओं पर व्यापार और यात्री आवाजाही को पारदर्शी और तेज बनाएगा। साथ ही डाउकी और श्रीमंतपुर में नई आवासीय सुविधाओं का उद्घाटन भी होगा, जिससे हवाई अड्डों की तरह सुरक्षित और आधुनिक डिजिटल सीमा प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।
भारत सरकार ने सीमाओं पर व्यापार और आवाजाही को पूरी तरह हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) लॉन्च करेंगे। यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसे देश के सभी लैंड पोर्ट्स के कामकाज को एक एकीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए बनाया गया है।इसके साथ ही, गृह मंत्री अमित शाह मेघालय के डाउकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट्स पर नवनिर्मित हितधारक आवास सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। यह जानकारी सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई है।

सुगम समन्वय और कम समय
यह नया सिस्टम सीमाओं पर लगने वाले समय को कम करेगा। बयान के मुताबिक, एलपीएमएस सरकारी एजेंसियों और निजी ऑपरेटरों सहित सभी हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेगा। इससे काम में होने वाली देरी थमेगी। इसके साथ ही परिचालन दक्षता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। यह प्रणाली कार्गो और यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित, पूरी तरह डिजिटल वर्कफ्लो प्रदान करेगी। इसमें स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
राष्ट्रीय प्लेटफार्मों से जुड़ाव
गृह मंत्रालय ने कहा कि एलपीएमएस को देश के प्रमुख राष्ट्रीय प्लेटफार्मों के साथ जोड़ा गया है। यह सिस्टम मोटर वाहन इकोसिस्टम के साथ एकीकृत होकर काम करेगा। इस जुड़ाव से अंतर-संचालनीय, कुशल और पारदर्शी सीमा प्रबंधन संभव हो सकेगा। यह प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम में लॉजिस्टिक्स और नियामक जानकारी के सुरक्षित आदान-प्रदान की अनुमति देता है। इसके लागू होने से अब लैंड पोर्ट्स भी हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों की तरह पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक हो जाएंगे।
स्मार्ट बॉर्डर का संकल्प
मंत्रालय के अनुसार, यह पहल नरेंद्र मोदी सरकार के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के प्रति संकल्प को दर्शाती है। तकनीक के माध्यम से सीमा पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही में पारदर्शिता आएगी। सुरक्षा और दक्षता को मजबूती मिलेगी। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्र के रणनीतिक फोकस को दिखाता है। यह कदम देश में व्यापार सुगमता, कनेक्टिविटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

