मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश मंत्री ने आरएसएस समर्थक होने के दावों पर कड़ी टिप्पणी की है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद लोग संघ से जुड़ने का दावा करते हैं। इससे संगठन में भीड़ बढ़ी है मगर अच्छे लोगों की कमी हो गई है। उनके बयान पर कांग्रेस की ओर से भी टिप्पणी आई है।
भोपाल : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( आरएसएस ) में बहुत ज्यादा भीड़ हो गई है। अब संघ में अच्छे लोगों की कमी है। बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने शनिवार को एक कार्यक्रम में संघ के बारे में विवादित टिप्पणी कर नया राजनीतिक विवाद शुरू कर दिया है। कैलाश विजय वर्गीय मध्यप्रदेश सरकार में शहरी विकास और आवास मंत्री हैं। वह पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बीजेपी के प्रभारी भी रह चुके हैं। उनके बयान को कांग्रेस ने लपक लिया है। कांग्रेस नेता के के मिश्रा ने कहा कि बीजेपी नेता के बयान में सच्चाई नजर आ रही है।
हाल में ही दिया था काफिर वाला बयान
कैलाश विजयवर्गीय अक्सर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने इंदौर की सभा में मुस्लिम को टारगेट किया था। उन्होंने कहा था कि कुछ मुसलमान भाई हिंदुओं को काफिर कहते हैं। अगर हम काफिर हैं तो हम काफिर हैं तो हमारी सड़कों पर नहीं चलें। अब ताजा विवाद उनके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर अपनी टिप्पणी से हुआ है। भोपाल में आरएसएस नेता शालिग्राम तोमर की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आरएसएस एक बहुत बड़ा संगठन बन गया है। जब से बीजेपी सत्ता में आई है, कई लोग इससे जुड़ने का दावा करने लगे हैं। वह मौके का फायदा उठाना चाहते हैं।

संघ में अब भीड़ हो गई है। हमारी संख्या बढ़ गई है और हम एक बहुत बड़ा संगठन बन गए हैं। अब सरकार में शामिल होने वाला कोई भी अधिकारी कहता है कि मैंने भी संघ की पट्टी और चड्डी पहनी है। जब से बीजेपी सरकार बनी है, सभी अधिकारी संघ के समर्थक बन गए हैं। एक अधिकारी ने मुझसे कहा कि मेरे पिता संघ की बैठकों में जाते थे। दूसरे ने कहा, मेरे पिता संघ के अध्यक्ष थे।
कैलाश विजयवर्गीय, बीजेपी नेता
अफसर कहते हैं, मेरे पापा संघ में थे
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भले ही संगठन का विस्तार हो रहा है और विचारधारा फैल रही है, लेकिन इसमें शामिल लोगों की गुणवत्ता में गिरावट आई है। संघ में अच्छे लोगों की कमी है। संघ लोगों से भरा हुआ है, लेकिन अच्छे इंसान कम होते जा रहे हैं। पहले सच में अच्छे लोग हुआ करते थे। संगठन का विस्तार हो रहा है, विचारधारा फैल रही है, लेकिन अगर अच्छे लोग ही न हों तो विचारधारा का क्या मूल्य है? हमें इस पर गंभीरता से सोचने की ज़रूरत है। कांग्रेस नेता के.के. मिश्रा ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में विजयवर्गीय की बातों में कुछ सच्चा लगती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अक्सर सत्ता के साथ अपना रंग बदल लेते हैं। हालात को देखते हुए लगता है कि अधिकारी जल्द ही औपचारिक रूप से आरएसएस में शामिल हो सकते हैं। वे सरकार के हिसाब से अपनी सोच बदलने की कला में माहिर हो गए हैं।

