राजधानी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का आगाज होने जा रहा है। इसके तहत 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर- घर दस्तक देंगे। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट करना है ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
इस महाभियान के लिए दिल्ली में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। चुनाव आयोग ने जानकारी साझा की है कि वर्तमान में दिल्ली में कुल 1,48,23,234 पंजीकृत मतदाता हैं। इसके सत्यापन के लिए 13,026 बीएलओ तैनात किए जा रहे हैं। लोकतंत्र के इस उत्सव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों की भूमिका को भी अहम माना गया है, जिसके तहत 28,881 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी और सहायता के लिए मौजूद रहेंगे।

चार सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्तियां
प्रक्रिया के अनुसार फील्ड सर्वे के बाद पांच अगस्त 2026 को मतदाता सूची का एक ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा। यदि किसी नागरिक को अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में कोई त्रुटि नजर आती है अथवा किसी नए पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वे पांच अगस्त से चार सितंबर 2026 के बीच अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार पुनरीक्षण के लिए अर्हता तिथि एक अक्टूबर 2026 तय की गई है, यानी जो युवा इस तारीख तक वोट डालने की निर्धारित आयु पूरी कर लेंगे, वे भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं। सभी सुधारों के निस्तारण के बाद, दिल्ली की अंतिम व संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन सात अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।

