20 जुलाई से शुरू हो रहे सत्र में संसद के मानसून सत्र के लिए विपक्ष सरकार को घेरने की जोरदार तैयारी में है, जबकि सरकार के रणनीतिकार इतिहास रच देना चाहते हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने भी संसद के घेराव का एलान कर दिया है। कुल मिलाकर हंगामा तो होगा।
विपक्ष केन्द्र सरकार से नीट परीक्षा के पेपर लीक, ऑपरेशन सिन्दूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए बयान, अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, मणिपुर में जारी हिंसा, बेरोजगारी और बढ़ती मंहगाई, ई-20(एथेनॉल) को लेकर जनता में बढ़ती नाराजगी जैसे मुद्दे को उठाकर केन्द्र सरकार को घेरेगा। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा है कि केन्द्र सरकार एक देश एक चुनाव के प्रस्ताव, परिसीमन और संविधान संशोधन विधेयक सदन में लाती है तो विपक्ष उसका विरोध करेगा।
मानसून सत्र के लिए केन्द्र सरकार के पास महत्वपूर्ण प्रस्ताव हैं। सरकार संसद के मानसूत्र में 130 वां संविधान संशोधन विधेयक लाने का संकेत दे रही है। इसके लिए सहयोगियों और लोकसभा में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की रणनीति पर काम हो रहा है। ऐसा हुआ तो परिसीमन का रास्ता साफ हो जाएगा। सितंबर 2023 से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए पारित विधेयक प्रभावी हो सकेगा। सरकार एक देश, एक चुनाव के अपने प्रस्ताव को आगे बढ़ा सकेगी और उसके एफसीआरए विधेयक को भी संसद की मंजूरी दिलाने में बहुत दिक्कत नहीं आएगी।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने युवाओं, देश के लोगों से 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुग 19 दिन से का जंतर मंतर पर धरने पर हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव समेत तमाम नेता उनसे मिल आए हैं। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि यह मुद्दा युवाओं में तेजी से चल रहा है। इसकी पूरी संभावना है कि 20 जुलाई दिल्ली में बड़ी संख्या में युवा आएं। यह संसद की तरफ मार्च करने के लिए विभिन्न रास्तों का रुख करें। माना जा रहा है कि ऐसा हुआ तो संसद सत्र के समय चुनौती बढ़ सकती है। सूत्र बताते हैं कि इसके बाबत केन्द्र और दिल्ली की राज्य सरकार को सूचना दी जा चुकी है। दिल्ली पुलिस सतर्कता बरत रही है और राज्यों से भी इसके बाबत सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

