NATIONAL : ‘संसद मार्च को बनाएं कामयाब…’, बिगड़ती तबीयत के बीच आया वांगचुक का पहला मैसेज, पत्नी बोलीं- सफदरजंग के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं

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सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत के बीच अस्पताल से उनका पहला संदेश सामने आया है. उन्होंने समर्थकों से संसद मार्च को कामयाब बनाने की अपील की. जानिए उनकी सेहत से जुड़ा ताजा अपडेट और संसद मार्च को लेकर पूरा मामला.

NEET पेपर लीक मामले में भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से अपने समर्थकों के लिए पहला संदेश भेजा है. जंतर-मंतर पर चल रही उनकी लंबी भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल ले जाए जाने के बाद उन्होंने इसे ‘गैरकानूनी हिरासत’ करार दिया. साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की. वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने उन्हें प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग की है.

59 वर्षीय वांगचुक का अस्पताल से ये पहला मैसेज उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो के माध्यम से सामने आया. यह संदेश हाथ से लिखे एक कागज पर था, जिसकी तस्वीर उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा की गई. अपने संदेश में वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन केवल एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि देश को भय और अन्याय से मुक्त बनाने की दिशा में एक व्यापक अभियान है. उन्होंने इसे ‘भारत का दूसरा आजादी आंदोलन’ बताया.

एक तरफ जहां सोनम वांगचुक ने एक्स के माध्यम से सफदरजंग अस्पताल से अपना पहला संदेश आंदोलनकारियों के लिए भेजा है तो वहीं वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने अपने पति को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाने की मांग कर दी है. गीतांजलि जे. आंगमो ने कहा कि उन्हें सफदरजंग या किसी भी सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है. अब देखना ये है कि सरकार उनकी इस मांग को पूरा करती है या इनकार करती है.

पेपर लीक समेत कई मुद्दों का किया उल्लेख
वांगचुक ने अपने मैसेज में पेपर लीक जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया. उनका कहना है कि समाज को ऐसी व्यवस्थाओं से मुक्ति मिलनी चाहिए, जहां आम लोगों के साथ अन्याय हो. उन्होंने इस आंदोलन को न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही से जोड़ते हुए लोगों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की.

21वें दिन पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
शनिवार को भूख हड़ताल के 21वें दिन दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी. इसके बाद उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी और अस्पताल में भर्ती किए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए.

डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
रविवार को सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया गया कि सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है और स्पेशल डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है. अस्पताल के अनुसार, उनके जरूरी शारीरिक संकेत (वाइटल पैरामीटर) फिलहाल सामान्य हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास रहने की वजह से कुछ रक्त संबंधी मानकों में हल्के बदलाव देखे गए हैं. इसी कारण उन्हें लगातार चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है.

इलाज को लेकर भी सामने आई जानकारी
इससे पहले शनिवार को अस्पताल ने जानकारी दी थी कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वांगचुक ने नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (IV Fluids), ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) और दवाएं लेने से इनकार कर दिया था. अस्पताल का कहना था कि उपचार कर रही मेडिकल टीम और एम्स के एक स्पेशलिस्ट ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ट्रीटमेंट को एक्सेप्ट नहीं किया. वहीं, अस्पताल ने यह भी बताया कि जरूरी मेडिकल प्रोसेस के लिए परिवार की इजाजत का इंतजार किया जा रहा था.

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