WORLD : अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: 48 घंटे में स्थिति होगी साफ

0
780

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने खुद अमेरिका से संपर्क किया है और दोनों देशों के बीच बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अगले 48 घंटे बेहद अहम होंगे और इसी दौरान साफ हो जाएगा कि दोनों देशों के बीच समझौता होता है या नहीं।

ट्रंप ने यह बयान लॉस एंजिल्स से लास वेगास जाते समय पत्रकारों से बातचीत में दिया। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे लगातार बातचीत चल रही है और हालात सही दिशा में बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के लिए समझौता करना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा।


क्या ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद अमेरिका से संपर्क किया है और बातचीत की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हो चुकी है और अब अगले दो दिन पूरी दुनिया के लिए अहम साबित हो सकते हैं। ट्रंप का दावा है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। बताया जा रहा है कि जुलाई में अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 14 सूत्रीय समझौता टूटने के बाद इस समुद्री मार्ग को लेकर तनाव काफी बढ़ गया था। अब अमेरिका, ईरान और ओमान मिलकर एक अंतरिम समझौते पर काम कर रहे हैं ताकि इस समुद्री रास्ते को फिर से सुरक्षित तरीके से खोला जा सके।
ट्रंप ने क्या चेतावनी दी?
बातचीत की संभावना जताने के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही इस बात को औपचारिक समझौते का हिस्सा बनाया जाएगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह समुद्री मार्ग हर हाल में खोला जाएगा। अगर ईरान सहयोग करता है तो शांति से समाधान निकलेगा, लेकिन यदि उसने अड़चन पैदा की तो अमेरिका कड़ी सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here