मॉनसून सत्र के आखिरी हफ्ते में सरकार FCRA संशोधन बिल पेश कर उसे पास कराने की तैयारी में है। गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब दे सकते हैं। एनडीए और कांग्रेस ने सांसदों को मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं डिलिमिटेशन बिल पर सरकार विपक्ष से बातचीत कर रही है और जरूरत पड़ने पर विशेष सत्र की संभावना भी है।
अगला हफ्ता संसद के मॉनूसन सत्र का आखिर हफ्ता है और ये इसलिए अहम है क्योंकि सरकार इस हफ्ते FCRA बिल (विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक) लाने और इसे पास कराने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह खुद इस बिल पर जवाब दे सकते हैं। मॉनसून सत्र में अब तक विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है और गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर 20 जुलाई के प्रोटेस्ट में हुए लाठीचार्ज पर जवाब देने की मांग कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सरकार ने बिल की तैयारी पूरी कर ली है। विपक्ष भले ही इसका विरोध कर रहा है लेकिन सरकार के सीनियर मंत्रियों ने इसे लेकर अलग अलग संगठनों से मीटिंग भी की है। शनिवार और रविवार को भी इस पर काम किया जाएगा। एनडीए ने अपने सभी सांसदों से सोमवार से लगातार सदन में मौजूद रहने को कहा है। कांग्रेस ने भी अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और अगले हफ्ते सदन में रहने को कहा है

कांग्रेस ने जारी किया व्हिप
कांग्रेस ने विपक्ष के दूसरे दलों से भी कहा है कि वे भी अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करें। कांग्रेस ने अपने व्हिप में कहा है कि सभी सांसद सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही स्थगित होने तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और पार्टी के रुख का समर्थन करें।
डिलिमिटेशन बिल पर विपक्ष से बातचीत कर रही सरकार
डिलिमिटेशन बिल को लेकर भी सरकार विपक्ष से बातचीत कर रही है। संसदीय कार्यमंत्री किरन रीजीजू तीन बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बात कर चुके हैं। सरकार के सूत्रों का दावा है ये बिल पास कराने के लिए हमारे पास पूरे नंबर हैं। साथ ही इसकी संभावना से भी इनकार नहीं किया कि डिलिमिटेशन बिल को पास कराने के लिए मॉनसून सत्र खत्म होने के बाद 15 अगस्त के बाद स्पेशल सत्र बुलाया जा सकता है। संसद का मौजूदा मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और यह 13 अगस्त तक प्रस्तावित है।

