बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विवाद के बीच विदेश मंत्रालय ने सफाई दी है। मंत्रालय ने कहा कि इस कार्यक्रम में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और हसीना द्वारा बांग्लादेश सरकार को लेकर दिए गए बयानों का समर्थन नहीं किया जाता।
नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में हुई वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली का स्टैंड क्लियर कर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी और वहां दिए गए बयानों का सरकार समर्थन नहीं करती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘भारत किसी भी ऐसे मंच पर कही गई बातों का समर्थन नहीं करता, खासकर उन टिप्पणियों का जो बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को लेकर की गई हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नेतन्याहू के साथ बातचीत पर भी विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
वहीं, विदेश मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई फोन पर बातचीत की भी जानकारी दी। जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर भी बातचीत हुई।
बांग्लादेश ने जताई थी आपत्ति
दरअसल, शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बांग्लादेश ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है।

