दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे।
बारामती से सांसद सुप्रिया सुले की बेटी और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार की नातिन रेवती सुले और सारंग लखानी के वेडिंग रिसेप्शन समारोह की एक तस्वीर ने देश के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। सोमवार (10 अगस्त) को दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शरद पवार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक साथ एक ही फ्रेम में बैठे और गर्मजोशी से बातचीत करते नजर आए। शरद पवार की पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का एक प्रमुख हिस्सा है, ऐसे में केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व और शरद पवार की इस नजदीकी ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।

रिसेप्शन में जुटे देश भर के दिग्गज नेता
दिल्ली स्थित ‘6 जनपथ’ (शरद पवार के आधिकारिक आवास) में आयोजित इस रिसेप्शन कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। पीएम नरेंद्र मोदी कार्यक्रम स्थल पर लगभग आधा घंटा रहे। इस दौरान वे शरद पवार और अमित शाह के साथ एक ही सोफे/मंच पर बैठे नजर आए और कई मुद्दों पर हल्की-फुल्की बातचीत की। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी रिसेप्शन में पहुंचे।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बिजनेसमैन गौतम अदाणी के अलावा NCP (SP) नेता अनिल देशमुख और जयंत पाटिल भी मौजूद थे, जिन्होंने मेहमानों का स्वागत किया। शरद पवार ने खुद व्यक्तिगत रूप से सभी राजनीतिक हस्तियों की अगवानी की।
यह तस्वीर इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रिसेप्शन से कुछ ही घंटे पहले सोमवार को ही सुप्रिया सुले के नेतृत्व में NCP (SP) के सभी 8 लोकसभा सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक औपचारिक मुलाकात की थी। लगभग 20 मिनट चली इस मुलाकात में NCP (SP) सांसदों ने पीएम मोदी को एक मांग पत्र सौंपा। इसमें पुणे-नाशिक सेमी-हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट, सूखा राहत, सिंचाई परियोजनाएं, किसानों की कर्जमाफी, प्याज की कीमतें, चंद्रभागा नदी का प्रदूषण, और नवी मुंबई एयरपोर्ट का नाम डी.बी. पाटिल के नाम पर रखने जैसी मांगें शामिल थीं।
परिसीमन (Delimitation Bill) पर सस्पेंस
इस मुलाकात को केंद्र सरकार के संभावित परिसीमन विधेयक से जोड़कर देखा जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि NCP (SP) कुछ शर्तों के साथ परिसीमन का समर्थन कर सकती है। हालांकि, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी कानून का ड्राफ्ट देखने और इंडिया गठबंधन के साथियों से चर्चा के बाद ही अपना रुख तय करेगी। राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चाओं के बीच NCP (SP) नेताओं ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन के प्रति उनकी निष्ठा पूरी तरह से कायम है।
सुप्रिया सुले का रुख
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के प्रतिनिधि होते हैं। राज्य के जलते मुद्दों और किसानों की समस्याओं को लेकर पीएम से मिलना और शादी-विवाह जैसे पारिवारिक अवसरों पर उनका स्वागत करना संसदीय लोकतंत्र की एक स्वस्थ परंपरा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सांसदों की पीएम से मुलाकात का स्वागत किया, जबकि शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि संसद के भीतर समय न मिलने के कारण सांसदों को निजी मुलाकातों का सहारा लेना पड़ रहा है।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह आयोजन भले ही पारिवारिक था, लेकिन एक ही छत के नीचे पीएम मोदी, अमित शाह, शरद पवार और राहुल गांधी का पहुंचना भारतीय राजनीति की बेहद दुर्लभ और दिलचस्प तस्वीरों में से एक बन गया है।

