NATIONAL : फोन पर ‘CM हिमंत’ की आवाज, नौकरी-ठेके का वादा… असम के अफसर ने रचा ऐसा खेल, घूम गया विजिलेंस का माथा

0
20

असम में गिरफ्तार सिविल सेवा अधिकारी देबेश्वर बोरा पर लगे आरोपों ने जांच को चौंकाने वाला मोड़ दे दिया है. आरोप है कि नौकरी और सरकारी ठेके दिलाने के लिए लोगों को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और वरिष्ठ अधिकारियों जैसी आवाज में फोन कॉल कराए जाते थे. जांच में शक है कि इसके लिए एक मिमिक्री आर्टिस्ट का इस्तेमाल किया गया, ताकि लोगों को अधिकारी की सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंच पर भरोसा हो सके.

किसी को अपनी पहुंच का यकीन दिलाना का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है कि सीधे मुख्यमंत्री से आपकी बात होती है और आप दूसरों की भी सीएम से डायरेक्ट बात करा सकते हैं. असम में जालसाजी का ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस मामले में जांच एजेंसियों को जो सुराग मिले हैं, उसने इस पूरे खेल को और भी चौंकाने वाला बना दिया है. दरअसल असम के धेमाजी जिले के डेवलपमेंट कमिश्नर और 1999 बैच के असम सिविल सर्विस (ACS) अधिकारी देबेश्वर बोरा को भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में विजिलेंस टीम की जांच अब एक ऐसे नेटवर्क तक पहुंच गई है, जिसमें नौकरी और सरकारी ठेके दिलाने के नाम पर लोगों को फंसाया जाता और फिर लाखों रुपये हड़प लिए जाते थे. आरोप है कि सामने वाले शख्स पर अपना प्रभाव जमाने के लिए बड़े अधिकारियों की आवाज की नकल कर फोन कॉल कराये जाते थे.

सीएम से बात कराने का झांसा
इंडिया टुडे में छपी जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, देबेश्वर बोरा पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर लोगों को सरकारी नौकरी और ठेके दिलाने का भरोसा दिलाकर पैसे लिए. इस कथित खेल में एक बिचौलिए की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है, जिसे अलग-अलग लोगों की आवाज की नकल करने में महारत हासिल थी.

आरोप है कि नौकरी या ठेका चाहने वाले लोगों को फोन पर ऐसे शख्स से बात कराई जाती थी, जो मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मुख्य सचिव रवि कोटा या दूसरे वरिष्ठ अफसरों की आवाज में बातचीत करता था. उनका मकसद लोगों को यह भरोसा दिलाना था कि देबेश्वर बोरा की पहुंच सरकार में सबसे ऊपर तक है और उनके जरिए काम आसानी से हो सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here