NATIONAL : मतभेद विवाद न बनें… मोदी-जिनपिंग की बैठक में 10 बड़ी बातें, LAC से व्यापार तक रिश्तों पर मंथन

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पीएम मोदी और शी जिनपिंग की अहम बैठक में भारत-चीन रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।LAC पर शांति, सीमा विवाद के समाधान, व्यापार असंतुलन, बाजार पहुंच और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने समेत कई अहम मुद्दों पर दोनों नेताओं ने चर्चा की।

नई दिल्ली: BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार को अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में हुई पिछली मुलाकात के बाद भारत-चीन संबंधों में हुई लगातार प्रगति का स्वागत किया। बातचीत में दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने, मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति-स्थिरता बनाए रखने और व्यापारिक संबंधों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

  1. रिश्तों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने पर जोर
    दोनों नेताओं ने दोहराया कि भारत और चीन को अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखना चाहिए। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेद विवाद का रूप नहीं लेने चाहिए।

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  1. ‘तीन आपसी बातों’ पर पीएम मोदी का जोर
    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों को आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए इन तीनों बातों के महत्व पर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया।
  2. सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता जरूरी
    पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास का जरूरी आधार बनी हुई है। उन्होंने सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और समझ का पालन करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
  3. सीमा विवाद के समाधान को लेकर प्रतिबद्धता
    दोनों नेताओं ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और आपसी सहमति वाले समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसके साथ ही कहा गया कि समाधान दोनों देशों के समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक नजरिए और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों पर आधारित होना चाहिए।
  4. लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर
    बैठक में दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों में हुई प्रगति पर भी ध्यान दिया गया। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यावसायिक संबंधों और लोगों की आवाजाही को और बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
  5. व्यापार असंतुलन की चिंताओं को दूर करने की बात
    आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों की चिंताओं को दूर करने की जरूरत पर बल दिया गया। इनमें संरचनात्मक व्यापार असंतुलन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
  6. बाजार तक सार्थक और अनुमानित पहुंच पर जोर
    दोनों नेताओं ने सार्थक और अनुमानित बाजार पहुंच को आसान बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने पर सहमति जताई गई।
  7. क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति
    मोदी और जिनपिंग इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहमति वाले क्षेत्रों का विस्तार जारी रखना चाहिए। साथ ही सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
  8. जिनपिंग ने BRICS में सहयोग की जरूरत बताई
    शी जिनपिंग ने कहा कि मुश्किल अंतरराष्ट्रीय माहौल और आपस में जुड़े बदलावों एवं चुनौतियों के बीच चीन और भारत, दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देश और ग्लोबल साउथ के अहम सदस्य होने के नाते बड़ी जिम्मेदारियां निभाते हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से BRICS के व्यापक फ्रेमवर्क के भीतर उच्च गुणवत्ता वाले सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।
  9. BRICS अध्यक्षता में चीन के समर्थन की पीएम मोदी ने सराहना की
    प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए चीन के समर्थन और BRICS शिखर सम्मेलन 2026 की सफलता में उसके योगदान की सराहना की। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर आपसी सहयोग के क्षेत्रों को विस्तार देने पर जोर दे रहे हैं।

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