सोहेल खान और सीमा सजदेह एक समय पर इंडस्ट्री के पावर कपल थे. मगर 24 साल बाद दोनों ने तलाक लेकर अपनी राहें अलग कर ली थीं. सीमा और सोहेल के तलाक के हर किसी को झटका लगा था. अब सीमा ने रिश्ता टूटने की वजह बताई है.
सीमा सजदेह एक समय पर खान परिवार का अहम हिस्सा थीं. सीमा ने सोहेल खान से साल 1998 में शादी रचाई थी. मगर 24 साल बाद दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. तलाक के बाद सीमा ने अपनी अलग पहचान बनाई. उन्हें नेटफ्लिक्स के शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ से काफी लाइमलाइट मिली थी. शो में उन्होंने अपनी जिंदगी के कई पहुलओं पर बात की थी.
सीमा सजदेह ने अब सोहेल खान संग चली अपनी सालों की शादी पर खुलकर बात की है. उन्होंने शादी टूटने की वजहें भी बताईं और ये भी बताया कि आखिर तलाक से उन्होंने क्या सबक सीखा. उषा काकड़े प्रोडक्शन्स संग बातचीत में सीमा ने कहा- जब हमने शादी की थी, तब हम दोनों ही काफी यंग थे. मैं सिर्फ 22 साल की थी. जैसे-जैसे हम बड़े हुए, हमारी राहें अलग होती गईं. हमारे विचार बदल गए. आखिरकार, हमें एहसास हुआ कि हम पति-पत्नी से बेहतर दोस्त थे. हर दिन लड़ने-झगड़ने से अच्छा अलग होना था. हम घर का माहौल खराब नहीं करना चाहते थे. खिट-पिट से अच्छा था कि हम अलग हो जाएं. हम शांति से अलग हुए, लेकिन सिर्फ पति-पत्नी के रूप में. आज भी हम एक परिवार की तरह हैं. वो मेरे बच्चों के पिता हैं और यह कभी नहीं बदल सकता.

सीमा ने ये भी बताया कि तलाक के फैसले से उन्हें कितना दर्द पहुंचा. उन्होंने कहा- कोई भी महिला तलाक का सपना नहीं देखती और न ही कभी ऐसा चाहती है. सीमा बोलीं- मैं डिप्रेशन में चली गई थी और मेरे बच्चे भी इससे गुजरे होंगे. इस नतीजे पर पहुंचने में हमें कई साल लगे. हम सही समय का इंतजार कर रहे थे, खासकर हमारे बच्चों के लिए.
तलाक के बाद की जिंदगी के बारे में बताते हुए सीमा ने कहा- मुझे अकेलेपन से डर लगता था. मुझे मोबाइल बिल्स, बैंकिंग या पैसों के लेन-देन के बारे में कुछ भी नहीं पता था. पहले मेरे पिता ये सब संभालते थे और शादी के बाद सोहेल ने संभाला. तलाक के बाद अचानक मुझे लाइफ इंश्योरेंस, मेडिकल इंश्योरेंस और हर चीज के बारे में खुद सीखना पड़ा. एक सिंगल वुमन के तौर पर, अब मुझे अपने बिजनेस पर ज्यादा ध्यान देना पड़ता है, अपने बिल्स खुद भरने पड़ते हैं और बच्चों का ख्याल भी रखना पड़ता है. तलाक ने मुझे समय का सही इस्तेमाल करना सिखाया है, क्योंकि अब हम दोनों को बच्चों के साथ बराबर समय मिलता है.
सीमा से आगे पूछा गया कि शादी तोड़ने का फैसला किसने पहले लिया था. इसपर उन्होंने कहा- यह कहना गलत होगा. एक रिश्ते में दो लोग शामिल होते हैं. रिश्ता चलने या न चलने की जिम्मेदारी दोनों की होती है. हमने यह फैसला कभी हल्के में नहीं लिया. हमने यह कदम खासतौर पर अपने बच्चों को ध्यान में रखकर उठाया था. जब हमारी शादी हुई थी तब हम नासमझ थे और इसमें किसी की गलती नहीं थी.

