औरैया में एक ट्रैक्टर ट्राली को रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के पहिये लगाकर गिट्टी डालने का काम करते हुए पकड़ा गया। यह ट्रैक्टर मालिक रेलवे ठेकेदारों से प्रति माह 85 हजार रुपये किराया लेता था। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी जुर्माना कार्रवाई की गई है जिसमें ट्रैक्टर ट्राली पर 10 लाख छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

चालक ने बताई पूरी कहानी
ट्रैक्टर मालिक पप्पू राम जो राजस्थान के नागौर जिले का निवासी है ने बताया कि उसने दस साल पहले एक साधारण ट्रैक्टर ट्राली खरीदी थी। पांच साल पहले उसने उसमें ट्रेन के पहिये लगवाए थे और इसके बाद रेलवे ठेकेदारों के बीच इसकी मांग बढ़ गई। वह अब प्रति माह 85 हजार रुपये किराया लेकर काम करता था। पांच साल में उसने लगभग 50 लाख रुपये कमाए हैं। ट्रैक्टर ट्राली के ट्रेन के पहिये की वजह से वह आसानी से रेलवे ट्रैक पर चल पाता था।
10 लाख रुपये जुर्माना
चालक ने बताया कि जब ट्रैक का काम पूरा हो जाता था तो वह ट्रैक्टर ट्राली से ट्रेन का पहिया हटा देता था। लेकिन जब वह पहिया हटा रहा था तभी उसे पकड़ा गया। ट्राली से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा पाने पर एआरटीओ ने उस पर 10 लाख छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया और ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया।
आधिकारिक जानकारी और जुर्माने का विवरण
आरटीओ कानपुर और परिवहन कमिश्नर को इस मामले की जानकारी मिलने पर वे भी हैरान रह गए। 24 जनवरी को कमिश्नर ने एआरटीओ से जुर्माने की जानकारी ली। इस कार्रवाई में ट्रैक्टर ट्राली पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें 9,63,500 रुपये जुगाड़ से ट्राली बनाने, प्रदूषण और स्पीड लिमिट डिवाइस के मामले में 10-10 हजार रुपये, फिटनेस के मामले में पांच हजार रुपये, बिना परमिट के चलाने पर 10 हजार रुपये और खतरनाक तरीके से ट्रैक्टर चलाने पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बता दें कि यह कार्रवाई प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।


