NATIONAL : लाल दुर्ग में ABVP ने रचा इतिहास, संयुक्त सचिव समेत 24 काउंसलर के पदों पर जमाया कब्जएक्सप्लोरर

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एबीवीपी जेएनयू के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा कि यह जीत अथक परिश्रम और राष्ट्रवादी सोच पर छात्रों के भरोसे का प्रतीक है. भविष्य में मील का पत्थर साबित हो सकता है.

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में इस बार अभूतपूर्व प्रदर्शन रहा. नौ साल बाद केंद्रीय पैनल के संयुक्त सचिव पद एबीवीपी प्रत्याशी वैभव मीणा ने शानदार जीत हासिल की. इसके अलावा 16 स्कूलों और विभिन्न केंद्रों के कुल 42 काउंसलर पदों में से 24 सीटों पर विजय हासिल कर एबीवीपी ने जेएनयू में वर्षों से कायम वामपंथी प्रभुत्व वाले किले को ध्वस्त कर दिया.

यह जेएनयू के ‘लाल दुर्ग’ में न केवल ऐतिहासिक परिवर्तन है बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा पर आधारित छात्र आंदोलन के लिए भविष्य में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है.

दरअसल, एबीवीपी ने सेंट्रल पैनल के सिर्फ संयुक्त सचिव पद पर विजय प्राप्त की है, लेकिन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव के पदों पर भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कांटे की टक्कर दी है. अंतिम चरण तक एबीवीपी के उम्मीदवार मजबूती से मुकाबले में बने रहे और वामपंथी गठबंधन के लिए गहरी चुनौती पेश करते रहे. यह परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाता है कि जेएनयू के छात्र समुदाय में राष्ट्रवादी सोच के प्रति व्यापक स्वीकृति बढ़ रही है.

एबीवीपी जेएनयू इकाई के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा, “जेएनयू में यह विजय न केवल एबीवीपी के अथक परिश्रम और राष्ट्रवादी सोच पर विद्यार्थियों के भरोसे का प्रतीक है बल्कि यह उन सभी छात्रों की जीत है जो शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हैं. जेएनयू में वर्षों से स्थापित एकपक्षीय विचारधारा के विरुद्ध यह लोकतांत्रिक क्रांति है. विद्यार्थी परिषद भविष्य में भी छात्रों के हितों और राष्ट्र पुनर्निर्माण के अपने संकल्प के साथ कार्य करती रहेगी.”

जेएनयूएसयू में संयुक्त सचिव पद पर जीते वैभव मीणा ने कहा, “जेएनयू छात्र संघ में संयुक्त सचिव के रूप में चुना जाना मेरे लिए व्यक्तिगत उपलब्धि मात्र नहीं, बल्कि उस जनजातीय चेतना और राष्ट्रवादी विचारधारा की विजय है जिसे वर्षों से दबाने का प्रयास किया गया था. यह जीत उन सभी छात्रों की आशाओं का प्रतीक है जो अपनी सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं.”

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