उत्तर प्रदेश के आगरा में अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक व्यापारी का अपहरण उसके ही दोस्तों ने कर लिया. अपहरणकर्ताओं ने व्यापारी से 10 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन पुलिस की तत्परता से मामला चंद घंटों में ही सुलझ गया.
उत्तर प्रदेश के आगरा में अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक व्यापारी का अपहरण उसके ही दोस्तों ने कर लिया. अपहरणकर्ताओं ने व्यापारी से 10 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन पुलिस की तत्परता से मामला चंद घंटों में ही सुलझ गया. जिसके बाद पुलिस ने व्यापारी को सकुशल बरामद किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, घटना में शामिल दो आरोपी अभी भी फरार हैं. जिनकी पुलिस तलाश कर रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के बजरंग नगर निवासी पूजा ने थाना किरावली पुलिस को सूचना दी थी कि उनके पति अनिल का अपहरण हो गया है. अपहरणकर्ता 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर रहे हैं. अपहरण करने वालों के लगातार मोबाइल पर फोन आ रहे हैं. सूचना मिलने पर पुलिस एक्टिव हुई और सर्विलांस के जरिए लोकेशन ट्रेस की गई. महज चार घंटे में पुलिस ने लेदर पार्क के पास से व्यापारी और दो अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मानवेन्द्र सिंह और अभिषेक गुप्ता के रूप में हुई है. पूछताछ में अभिषेक गुप्ता ने बताया कि वह सर्फ और चाय का कारोबार करता है. व्यापार में घाटे की वजह से पैसों की जरूरत थी. वह अनिल को पहले से जानता था. इसी कारण मानवेन्द्र सिंह, विपुल शर्मा और गिरीश कटारा के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची. योजना के तहत अनिल को कारोबार के सिलसिले में धौलपुर ले जाया गया और लौटते समय किडनैपिंग का नाटक रचकर फिरौती मांगी गई.
आरोपियों ने नकली पिस्टल और तमंचा दिखाकर अनिल और उनके साथी अभिषेक को डराया-धमकाया. बाद में अनिल के फोन से उनकी पत्नी को कॉल कर ढाई लाख रुपये में डील तय हुई और रुपयों की अदायगी के लिए लेदर पार्क पर बुलाया गया. तभी पुलिस ने दबिश देकर मानवेन्द्र और अभिषेक को दबोच लिया, जबकि गिरीश कटारा और विपुल शर्मा फरार हो गए. पुलिस ने मौके से नकली पिस्टल, मोबाइल और एक इनोवा कार बरामद की है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.


