अहमदाबाद शहर में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाया गया है. अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और पुलिस ने मिलकर चंदोला क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया, जहां 120 से ज्यादा अवैध मकानों को गिराया जा रहा है. यहां तक कि एक आलीशान फार्महाउस, जिसकी कीमत करीब 2000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है, वह भी ढहा दिया गया.

इस फार्महाउस का मालिक महबूब पठान उर्फ लाला बिहारी फरार है, जबकि उसका बेटा फतेह पुलिस की हिरासत में है. पुलिस के मुताबिक लाला बिहारी पैरोल पर बाहर था और अब फरार हो गया है. फार्महाउस में कई कमरे थे, जहां वेश्यावृत्ति का धंधा चलता था. यहां बांग्लादेशी महिलाएं पाई गईं, जिन्हें जबरन इस गंदे कारोबार में धकेला जा रहा था.
चंदोला झील के किनारे बने इस फार्महाउस में झूले, फव्वारे, एसी कमरे और खूबसूरत बगिचा जैसी सुविधाएं थीं. पुलिस को यहां कई घोड़े और गाड़ियां भी मिली हैं. साथ ही करीब 250 ऑटो रिक्शा भी जब्त किए गए हैं. ये सभी गतिविधियां अवैध कमाई के जरिए चलाई जा रही थीं.लाला बिहारी मूल रूप से बिहार या अजमेर से आया था, लेकिन दो दशक पहले वह अहमदाबाद में आकर बस गया. उसने चंदोला झील के आसपास अवैध बस्तियों पर कब्जा करना शुरू किया. पहले उसने कच्चे घर बनवाकर किराए पर दिए और फिर पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया.
लाला बिहारी बांग्लादेश से आने वाले लोगों को मकान, गोदाम और नागरिकता दिलाने के झूठे कागज मुहैया कराता था. इसके लिए उसने कुछ स्थानीय लोगों से मिलकर ‘पैकेज डील’ बना दी थी, जिसमें अवैध दस्तावेज और फर्जी किराया एग्रीमेंट शामिल थे.लाला बिहारी सिर्फ अवैध बसावट नहीं कराता था, बल्कि वह बांग्लादेशी लड़कियों को बहाने से रखवाकर उनसे वेश्यावृत्ति कराता था. जांच में सामने आया है कि उसने कई महिलाओं का शोषण किया. इसके जरिए वह हर महीने 10 से 12 लाख रुपये की कमाई करता था.


