Chandigarh में वाहन चालकों के लिए खतरे की घंटी! नए फैसले से लगेगा झटका

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शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का आदतन उल्लंघन करने वाले चालकों को सबक सिखाने की दिशा में कदम उठाते हुए चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट (सी.जी.एम.) कोर्ट ने शुक्रवार  को एक व्यक्ति को 15 दिनों तक  किसी भी ट्रैफिक सिग्नल पर सेवा देना का आदेश  दिया है। कोर्ट ने सामुदायिक सेवा (क्मयुनिटी  सर्विस) के तहत सेवा देने के आदेश  दिए है। इस सेवा के दौरान दोषी को यह भी सुनिश्चित  करना होगा कि लोग ट्रैफिक संबंधी नियमों  का पालन करें। इस  व्यक्ति पर  ट्रैफिक  नियम  तोड़ने  के 222 चालान थे।

इस व्यक्ति पर 43  हजार 400 रुपए  का जुर्माना भी लगाया है। बताया जा रहा है कि दोषी व्यक्ति के  हुए कुल  222 चालान  में सबसे ज्यादा  थे। 168 चालान  तेज  रफ्तार  (ओवर स्पीड)  में वाहन चलाने  और 44 चालान रेड लाइट जंप के है। इसके अलावा  दोषी व्यक्ति द्वारा  किए गए अन्य कई ट्रैफिक वॉयलेशन के चालान शामिल है। शहर  की सड़कों पर आदतन  ट्रैफिक  नियमों की  उल्लंघन की सम्सया से  निपटने के लिए  ट्रैफिक पुलिस ने आदतन अपराधी की पहचान करते हुए  इस  मामले को जिला न्यायालय और पंजीकरण एवं लाइंसेंसिग प्राधिकरण के सामने  उठाया।

इसके तहत शुक्रार को सी.जी.एम. कोर्ट  ने एक आदतन अपराधी को 222 ट्रैफिक बार यातायात  नियमों की  उल्लंघना का  दोषी  पाया। आरोपी उल्लंघनकर्त्ता द्वारा किए गए उल्लंघन  को गंभीरता से लेते हुए सी.जी.एम. कोर्ट ने दोषी  का वाहन को तब तक जब्त कर लिया,  जब  तक कि कोई  ड्राईविंद लाइसेंसधारी व्यक्ति  अदालत में  उल्लंघनकर्ता  की  ओर  से उपस्थित नहीं होता  और वाहन  की  रिहाई  के लिए  आवेदन  नहीं करता। इस बीच दोषी  को 15 दिन  तक किसी भी  ट्रैफिक  सिग्नल पर सामुदायिक सेवा देनी होगी।

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