देशभर में सर्द हवाओं और घने कोहरे ने ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है। दिल्ली-NCR में शीतलहर के साथ आसमान में घने बादल छाए हैं और हल्की धुंध की चादर बिछी हुई है। मौसम विभाग ने देश के 20 से अधिक राज्यों में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर भारत के कई राज्यों में खराब मौसम का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जारी है, जबकि चंडीगढ़ और हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश हुई है। कोहरे और ठंड ने ट्रेनों और फ्लाइटों की आवाजाही पर भी असर डाला है। दिल्ली, श्रीनगर, वाराणसी, अमृतसर और जम्मू एयरपोर्ट से कई फ्लाइटें रद्द की गई हैं, और कई ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं।
उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड के चलते पिछले 48 घंटों में ठंड से जुड़ी घटनाओं में करीब 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से 10 मौतें बीते 24 घंटों में दर्ज हुई हैं।
मौसम विभाग ने देश के 20 से अधिक राज्यों के लिए शीतलहर, बारिश, बर्फबारी और घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-NCR, उत्तर भारत और उत्तर-पूर्वी भारत के साथ उत्तराखंड में बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग में भारी बर्फबारी के कारण कई महत्वपूर्ण सड़कों और हाईवे बंद हैं। हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि राजस्थान और बिहार के कई जिलों में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और अरब सागर से उठ रही नमी वाली हवाओं के कारण उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रहेगा। 10 से 12 जनवरी के बीच उत्तर पश्चिम भारत में हल्की बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी 7 और 8 जनवरी को ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
IR animation from INSAT 3DR (06.01.2025 0915 – 1515 IST) showing convective clouds associated with the cyclonic circulation over equatorial Indian Ocean and adjoining Southeast Bay of Bengal. #imd #mausam #mausm #IMDweatherupdate@moesgoi @ndmaindia @DDNational @airnewsalerts pic.twitter.com/4Q5kqxerlD
— India Meteorological Department (@Indiametdept) January 6, 2025
मौसम की इस अप्रत्याशित स्थिति ने दैनिक जीवन को मुश्किल बना दिया है। सर्द हवाओं, कोहरे और बारिश के कारण लोगों को यातायात और अन्य गतिविधियों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


