भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान पाकिस्तान को सपोर्ट करने पर तुर्की के खिलाफ भारत में लगातार विरोध जारी है. अलीगढ के कारोबारियों ने तुर्की को ताले की सप्लाई बंद करने का ऐलान किया है.

ताले और तालीम की नगरी के नाम से मशहूर अलीगढ़ ने तालों से की जाने वाली तुर्की की सुरक्षा का जिम्मा ठुकरा दिया है, जिससे अब तुर्की को करोड़ो रुपये का झटका लगा है. एक ओर अपने ताले और हार्डवेयर के लिए दुनियाभर में अलीगढ़ मशहूर है, यहां के कारोबारियों ने तुर्की को हर तरह की सप्लाई बंद करने का ऐलान किया है.
ताला और हार्डवेयर यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा है कि तुर्की ने जिस तरह पाकिस्तान का पक्ष लिया है, वो भारत के स्वाभिमान के खिलाफ है. अलीगढ़ के ताला कारोबारी अब तुर्की से सभी तरह के व्यापारिक संबंध खत्म कर रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि हमारे लिए देश पहले है, कारोबार बाद में है. तुर्की को अब अलीगढ़ से एक भी ताला नहीं भेजा जाएगा. पादाधिकारियों के अनुसार हर साल तुर्की को करोड़ों के ताले और हार्डवेयर आइटम्स भेजे जाते थे. डोर लॉक, सिक्योरिटी सिस्टम, गेट फिटिंग्स जैसे प्रोडक्ट्स की भारी डिमांड थी. अब इस सप्लाई पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला
ऑपरेशन सिंदूर के भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तानाबूत किया था. भारत की इस कार्रवाई के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को सपोर्ट किया था. पाकिस्तान का सपोर्ट करने पर भारत ने तुर्की से सभी व्यापारिक संबंध रद्द करने का ऐलान किया था. भारत के इस कदम के बाद लगातार तुर्की का विरोध हो रहा है.
हार्डवेयर व्यापारी के के वार्ष्णेय ने बताया कि जिस तरह से तुर्की ने पाकिस्तान का सहयोग किया है, उससे अब तुर्की को ताले नहीं भेजे जाएंगे. भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान का सहयोग कर भारत को आंख दिखाने का काम किया था, तुर्की के इस कदम पर भारत ने तुर्की के खिलाफ कई सख्त और कड़े फैसले लिए हैं. अलीगढ़ की अगर बात कही जाए तो अलीगढ़ में 210 करोड़ से ज्यादा सालाना का अलीगढ़ से तालों का निर्यात किया जाता है अलीगढ़ में 11 हज़ार से ज्यादा छोटी छोटी इकाई है.


