अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र के कारोली गांव में जमीन विवाद ने एक बुज़ुर्ग की जान ले ली. खेत में काम कर रहे 65 वर्षीय रहमत खान को उनके ही भतीजों ने लाठी-डंडों से पीट-पीट कर मार डाला. विवाद मात्र सात बिस्वा जमीन को लेकर था. घटना के दौरान रहमत की बहू ताहिरा को भी मारपीट का शिकार होना पड़ा. तीनों आरोपी घटना के बाद से फरार हैं.

राजस्थान के अलवर जिले में पारिवारिक जमीन विवाद ने दिल दहला देने वाली घटना को जन्म दिया है. सदर थाना क्षेत्र के कारोली गांव में रहने वाले 65 वर्षीय रहमत खान पुत्र एवज खान को उनके ही भतीजों ने खेत में लाठी-डंडों से पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया. विवाद की जड़ मात्र सात बिस्वा जमीन थी, जो लंबे समय से परिवार के बीच विवाद का कारण बनी हुई थी.
दरअसल, घटना सुबह करीब 8 बजे की है. जब रहमत अपने खेत में काम कर रहे थे. तभी उनके बड़े भाई के तीन बेटे हाकम, ताहिर और कल्लू खेत के विवादित हिस्से में नींव खोदने लगे. जब रहमत ने इसका विरोध किया और नींव खोदने से रोका, तो तीनों ने मिलकर उस पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. रहमत की मौके पर ही मौत हो गई.
इसी दौरान शोर सुनकर रहमत की पुत्रवधू ताहिरा मौके पर पहुंची, जो बीच-बचाव करने आई. मगर, आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया. ताहिरा के चिल्लाने पर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भागकर आए और रहमत को घायल अवस्था में अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी.
सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर राजीव गांधी सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम करवाया. रहमत के बेटे साबिर ने बताया कि जमीन को लेकर परिवार में वर्षों से विवाद चला आ रहा था, लेकिन अचानक नींव खोदने की कोशिश और विरोध पर हमले की घटना ने सभी को हिला दिया. पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और तीनों आरोपी फरार हैं. गांव में तनावपूर्ण माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है.
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