सोमवार को दोनों देशों ने नई दिल्ली में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसका मकसद एक दूसरे के निवेश को बढ़ाना और उसको सुरक्षा देना है.अमेरिका की तरफ से लगाए गए 50 प्रतिशत हाई टैरिफ ने भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए वहां के बाजार में कंपीटिशन को काफी मुश्किल बना दिया है. इसके बाद भारत की तरफ से भेजे जाने वाले लेदर के सामान और फुटवियर से लेकर ज्वैलरी तक के ऊपर भारी भरकम अमेरिकी टैरिफ लगाया जा रहा है. भारतीय एक्सपोर्ट्स की इन चुनौतियों के बीच एक्टिव सरकार अब नए बाजार की ओर दस्तक दे रही है.
इसके लिए नई दिल्ली रूस और चीन के साथ साउथ अफ्रीकी देशों और अन्य उन देशों की ओर अपना दायरा बढ़ा रही है, जहां पर इन घाटों की भरपाई की जा सके. इसी कड़ी में भारत और उसके दोस्त इजरायल ने अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, सोमवार को दोनों देशों ने नई दिल्ली में एक समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसका मकसद एक दूसरे के निवेश को बढ़ाना और उसको सुरक्षा देना है.

इजरायल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह पहली बार है जब ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कॉपरेशन एंड डेवलपमेंट यानी ओईसीडी देश ने भारत के साथ इस तरह का व्यापारिक सौदा किया है. अधिकारियों का कहना है कि कारोबार के लिए यह समझौता स्थायित्व और सुरक्षित वातावरण देगा. साथ ही, व्यापार और निवेश के लिए नए मौके बनाएगा.
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- भारत सरकार और इजरायल की सरकार ने नई दिल्ली में द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर दस्तखत किए. केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनके इजरायली समकक्ष बेजालेल स्मोट्रिक के बीच इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया. गौरतलब है कि भारत और इजरायल के बीच साल 2024 में व्यापार करीब 3.9 बिलियन डॉलर का था. जानकारों की मानें तो नई डील से सीमा पार व्यापार और निवेश को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.


