भारत-पाक तनाव के बीच ताजमहल की सुरक्षा परखने के लिए सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों ने मॉक ड्रिल की. ड्रिल में यमुना किनारे से आतंकी हमले का सीन रचा गया, जिसमें जवानों ने आतंकियों को गिरफ्तार किया. वॉच टावर, बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड समेत सभी टीमें सक्रिय रहीं. ताजमहल के सभी प्रवेश द्वारों पर सख्त चेकिंग जारी है. ड्रिल का मकसद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना था.

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए आगरा स्थित ताजमहल पर संभावित आतंकी हमले के परिदृश्य को लेकर शनिवार को एक बड़ी मॉक ड्रिल की गई. इस एक घंटे की अभ्यास प्रक्रिया में सीआईएसएफ, बम डिस्पोजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने आतंकी हमले से निपटने की रणनीति का सजीव प्रदर्शन किया.
मॉक ड्रिल में यह दिखाया गया कि दो आतंकी यमुना किनारे से ताजमहल में घुस आते हैं और स्मारक के अंदर हमला करते हैं. सीआईएसएफ के जवान दशहरा घाट से एंट्री कर स्मारक में दाखिल हुए और आतंकियों को गिरफ्तार किया. वॉच टावर से निगरानी, रेस्क्यू ऑपरेशन और ब्लैकआउट जैसी सभी परिस्थितियों का अभ्यास किया गया.
ताजमहल के नौ प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है. हर वाहन की डिग्गी खोलकर तलाशी ली जा रही है और हर पर्यटक की सघन जांच हो रही है. अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है.ड्रिल का उद्देश्य ताजमहल जैसे विश्वविख्यात धरोहर स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यह संदेश देना था कि सुरक्षा के मोर्चे पर कोई चूक नहीं होगी.


