मां लक्ष्मी की मूर्ति घर में स्थापित करते समय वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. जिस तरह सही दिशा, और सही मूर्ति आपको लाभ पहुंचा सकती हैं, ठीक वैसे ही गलत प्रतिमा और गलत दिशा धन हानि और दुर्भाग्य पैदा कर सकती है.
मां लक्ष्मी को धन, वैभव और समृद्धि की देवी माना जाता है.हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में कभी धन की कमी न हो और जीवन में सुख-शांति बनी रहे. इसी इच्छा से लोग मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद के लिए घर में उनकी मूर्ति या तस्वीर स्थापित करते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां लक्ष्मी की मूर्ति को सही रूप, सही दिशा और सही विधि से रखना बहुत जरूरी होता है. मूर्ति का चयन गलत होने या गलत स्थान पर स्थापना करने से सकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है और आर्थिक परेशानियां भी आ सकती हैं.

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां लक्ष्मी की सबसे शुभ प्रतिमा वह मानी जाती है जिसमें वे कमल पर बैठी हों. उनके दोनों पैर कमल के अंदर स्थित हों. यह मुद्रा स्थिरता, समृद्धि और निरंतर धन आगमन का प्रतीक है. कमल पर खड़ी हुई लक्ष्मी की मूर्ति को घर में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अस्थिरता का संकेत माना जाता है, जिससे धन टिक नहीं पाता.
मां लक्ष्मी की खड़ी हुई मूर्ति घर में नहीं रखनी चाहिए. इसके अलावा, जिस तस्वीर में मां लक्ष्मी के साथ उल्लू दिखाई दे, उसे भी घर में लगाने की सलाह नहीं दी जाती. हालांकि उल्लू उनका वाहन है, लेकिन गृहस्थ जीवन में इसे अशुभ माना गया है. इसके बजाय विष्णु-लक्ष्मी की वह तस्वीर शुभ मानी जाती है, जिसमें वे गरुड़ पर विराजमान हों. यदि लक्ष्मी जी के साथ हाथी का जोड़ा हो, तो वह भी ऐश्वर्य और सौभाग्य बढ़ाने वाला माना जाता है.


