आज हनुमान जयंती पुण्य कमाने के लिए अगर आप भी भंडारा कर रहे हैं तो शास्त्रों के अनुसार कुछ खास बातों का ध्यान रखें, नहीं तो पुण्य की जगह पाप के भागी बन सकते हैं.
2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती मनाई जा रही है. ये सेवा का दिन है इसलिए इस दिन कई जगह भंडारे और लंगर का आयोजन होता है. भंडारे के भोजन में कभी भी पुरानी, सड़ी हुई सब्जी या सामग्री का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसका भोग हनुमान जी को भी लगता है. ऐसा करने पर दोष के भागी बन सकते हैं.

हनुमान जयंती पर करने वाले भंडारे का उद्देश्य भूखे और उन असमर्थ लोगों को भोजन कराना है जो दो वक्त की रोटी भी नहीं खा पाते. ऐसे में यदि इसमें सक्षम व्यक्ति भोजन करता है, तो इसे जरूरतमंद का हक छीनने के समान माना जाता है. ऐसे में मुफ्त के खान के लालच में न पड़े, आप पाप के भागी बन सकते हैं. कुछ लोग सेवा भाव से नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच दिखावे के लिए भंडारा करते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार अगर भंडारा सिर्फ प्रसिद्धि, नाम या राजनीतिक उद्देश्य से किया गया हो, तो शास्त्रों के अनुसार वह “सात्विक दान” नहीं, बल्कि राजसिक या तामसिक दान होता है, जिसका फल कभी प्राप्त नहीं होता.
प्रेमानंद महाराज के अनुसार हनुमान जयंती का किसी भी अवसर पर भंडारा उधार लेकर नहीं करना चाहिए. इससे व्यक्ति पुण्य से वंछित रह जाता है. अपनी कमाई से भले ही दो लोगों को भोजन कराएं लेकिन उधारी पर ये कार्य न करें. भंडारे में बनाया भोजन कभी कूड़े में न फेंके, इससे पाप के भागी बनते हैं. सुख-समृद्धि और धन पर बुरा असर पड़ता है. संपन्नता चली जाती है.


