OYO का बड़ा फैसला: अविवाहित जोड़े नहीं कर सकेंगे चेक-इन

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हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनी ओयो ने अपने चेक-इन नियमों में बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी ने अब अपने पार्टनर होटलों से कहा है कि अविवाहित कपल्स को अब होटल रूम बुकिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह नया नियम ओयो के होटल्स में इस साल से लागू होगा और शुरुआत मेरठ (उत्तर प्रदेश) के होटलों से की जाएगी।

अविवाहित कपल्स नहीं कर पाएंगे चेक-इन

ओयो ने अपने पार्टनर होटलों से कहा है कि वे चेक-इन करते समय सभी कपल्स से उनके रिश्ते के वैलिड प्रमाण मांगें। यानी अविवाहित जोड़ों को होटल में चेक-इन करने से रोका जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन बुकिंग करने पर भी यह नियम लागू होगा। हालांकि ओयो ने होटल मालिकों को यह अधिकार दिया है कि वे अपने स्थानीय हालात और ज़रूरतों के हिसाब से इस नियम को लागू करने का फैसला ले सकते हैं।

मेरठ के होटलों पर होगा लागू

यह नियम फिलहाल मेरठ के ओयो होटलों पर लागू होगा। हालांकि अगर इस नए नियम को लेकर कंपनी को अच्छा फीडबैक मिलता है तो वह इसे देश के अन्य शहरों में भी लागू करने पर विचार कर सकती है। ओयो ने बताया कि मेरठ के स्थानीय लोगों ने अविवाहित कपल्स को होटल में चेक-इन न करने की अपील की थी जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

ओयो की इमेज बदलने की कोशिश

ओयो ने इस बदलाव को अपने ब्रांड इमेज को बदलने की कोशिश के रूप में देखा है। कंपनी का कहना है कि यह नीति ओयो की पुरानी धारणाओं को बदलने और खुद को एक ऐसा ब्रांड के रूप में पेश करने की दिशा में है, जो परिवारों, छात्रों, व्यापारिक यात्रियों, धार्मिक यात्रियों और अकेले यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षित अनुभव प्रदान करता है। ओयो का यह कदम लंबी अवधि तक ठहरने और बार-बार बुकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

ओयो पर अविवाहित कपल्स की ज्यादा बुकिंग

हाल ही में ट्रैवल पीडिया 2024 द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ओयो होटल्स को सबसे ज्यादा अविवाहित कपल्स द्वारा बुक किया जाता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि तेलंगाना में अविवाहित कपल्स के द्वारा सबसे अधिक ओयो रूम बुक किए गए। इसके बाद देश के प्रमुख मेट्रो शहरों का भी नाम सामने आया। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ओयो के इस फैसले का उसके बिजनेस पर क्या असर पड़ेगा।

आने वाला बदलाव

ओयो के इस नए नियम को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इस निर्णय को सकारात्मक मान रहे हैं वहीं कुछ का कहना है कि इससे कंपनी के व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि ओयो इस नए नियम को लागू करने के बाद कितना सफल हो पाती है और उसका व्यापार कैसे प्रभावित होता है।

अंत में बता दें कि ओयो का यह कदम अपनी छवि को एक परिवारिक और सुरक्षित ब्रांड के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश को दर्शाता है। हालांकि यह एक बड़ा बदलाव है और इसके प्रभाव आने वाले समय में ही पूरी तरह से साफ होंगे।

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