गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक का पैदल मार्ग एक बार फिर श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है. बीते दिनों भारी हिमपात के चलते यह मार्ग बंद हो गया था, लेकिन अब छह से दस फीट तक जमी बर्फ को काटकर रास्ता बहाल कर दिया गया है. लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के मजदूरों ने दिन-रात की मेहनत से बर्फ प्रभावित क्षेत्र में मार्ग को दुरुस्त कर दिया है.

बुधवार देर शाम मजदूरों की टीम ने लिनचोली से छानी कैंप, छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट होते हुए केदारनाथ तक रास्ता खोल दिया. कुल 70 मजदूरों की टीम ने 20 दिनों की कड़ी मशक्कत से लगभग 9 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में जमी मोटी बर्फ को हटाया. इस दौरान हिमखंड जोन और फिसलन वाले हिस्सों में सुरक्षा के लिए मिट्टी और पत्थरों का सहारा लिया गया है ताकि श्रद्धालुओं और घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही सुरक्षित रह सके.
लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने जानकारी दी कि पैदल मार्ग को धाम तक खोल दिया गया है. अब जल्द ही घोड़ा-खच्चर संचालन शुरू हो सकेगा जिससे धाम तक सामान ढुलान का कार्य भी शुरू हो जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी दूसरा चरण शेष है, जिसमें रुद्रा प्वाइंट से हेलिपैड और हेलिपैड से मंदिर परिसर तक बर्फ हटाई जाएगी.
फिलहाल एमआई-26 हेलिपैड क्षेत्र में बर्फ हटाने को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आवश्यक सामग्री और आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जा सकें. लोनिवि की योजना है कि आगामी 10 अप्रैल तक केदारनाथ धाम परिसर की सभी प्रमुख जगहों से बर्फ पूरी तरह हटा दी जाए. मार्ग पर सुरक्षा और सफाई के कार्य लगातार जारी हैं.बर्फ हटाए जाने के बाद अब केदारनाथ यात्रा के शुभारंभ की तैयारियों को और गति मिल गई है. प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजामों में जुटा हुआ है. यात्रा मार्ग पर सूचना बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं.


