बिहार में नवनिर्वाचित विधायकों के लिए पटना में 44.41 एकड़ में बने 246 नए आवास तैयार कर दिए गए हैं. परिसर में हॉस्टल, कैंटीन, हरियाली और आधुनिक सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है.
बिहार में नवनिर्वाचित विधायकों के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित आवास कॉम्प्लेक्स तैयार कर लिया गया है. भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना में विधायक एवं विधान पार्षद आवास परिसर में लगभग 44.41 एकड़ जमीन पर 246 नए आवासों का निर्माण पूरा किया गया है. इन आवासों को विभिन्न चरणों में तैयार किया गया है और अब इन्हें विधायकों को आवंटित किया जाएगा.
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए एक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-संवेदनशील आवास परिसर तैयार कर प्रदेश में एक नए मानक की शुरुआत की है.

भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि प्रत्येक आवास का क्षेत्रफल लगभग 3693 वर्गफीट है. ये घर आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और विधायकों के कामकाज व निवास की सभी जरूरतें ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं. सभी आवासों पर विधानसभा क्षेत्र संख्या और क्षेत्र का नाम अंकित होगा, जिससे आवंटन प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित रहेगी.
नए आवासीय परिसर को पूरी तरह सुसज्जित बनाने के लिए कई अतिरिक्त सुविधाएं भी शामिल की गई हैं. परिसर में एमएलए हॉस्टल, कैंटीन, कम्युनिटी सेंटर, पर्याप्त पार्किंग और खुले सामुदायिक क्षेत्र बनाए गए हैं. इन सुविधाओं से विधायकों के लिए कामकाज आसान होगा और वे आम जनता तथा अपने समर्थकों से आसानी से मिल सकेंगे.
इन आवासों को जीरो डिस्चार्ज कॉन्सेप्ट पर बनाया गया है. परिसर से निकलने वाले सीवेज जल को उपचारित कर बागवानी में उपयोग किया जाएगा. साथ ही वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की गई है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. ऊर्जा बचत को ध्यान में रखते हुए परिसर में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं. परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए सड़कों के किनारे तथा आम क्षेत्रों में चम्पा, गुलमोहर, महोगनी जैसे छायादार और आकर्षक पौधे लगाए गए हैं, जिससे वातावरण हरा-भरा और मनमोहक दिखाई देता है.
इस आधुनिक आवास परिसर से नए विधायकों को क्षेत्रीय जनता के संपर्क में रहना पहले से आसान होगा. वे अपने कार्यालय कार्यों का संचालन भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे. विभाग का मानना है कि नए आवासों से विधायकों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जनता से जुड़ाव मजबूत होगा.


