दिल्ली के धौला कुआं में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे की एफआईआर में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. एफआईआर के अनुसार हादसे के बाद भी नवजोत सिंह जीवित थे और उनकी पत्नी संदीप कौर बार-बार आरोपी महिला से पास के अस्पताल ले जाने की गुहार लगाती रहीं. आरोप है कि उन्हें जानबूझकर 19 किलोमीटर दूर एक छोटे अस्पताल ले जाया गया, जहां नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया गया.
दिल्ली के धौला कुआं में हुए भीषण बीएमडब्ल्यू हादसे को लेकर दायर एफआईआर में कई अहम खुलासे हुए हैं. इस हादसे में वित्त मंत्रालय (नॉर्थ ब्लॉक) के डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हैं.

एफआईआर में दर्ज बयान ने इस हादसे को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. एफआईआर के मुताबिक हादसे के वक्त नवजोत सिंह की सांसें चल रही थीं और उनकी पत्नी संदीप कौर बार-बार आरोपी दंपति से आग्रह करती रहीं कि उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया जाए. संदीप कौर के बयान के मुताबिक उन्होंने आरोपी महिला से कहा, प्लीज हमें पास के अस्पताल ले जाइए, लेकिन उसकी गुहार को नजरअंदाज किया गया. संदीप कौर का आरोप है कि बीएमडब्ल्यू चालक महिला और उसके पति ने उन्हें पास के अस्पताल की बजाय जानबूझकर 19 किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल में पहुंचाया.
इस दौरान उन्हें एक मालवाहक वैन में ले जाया गया जिसमें लहूलुहान नवजोत को बिना किसी शुरुआती इलाज के रखा गया था. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नवजोत सिंह को मृत घोषित कर दिया. एफआईआर में यह भी दर्ज है कि घटना से पहले बीएमडब्ल्यू कार को महिला चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रही थी.
रिपोर्ट के मुताबिक गाड़ी का संतुलन बिगड़ने पर उसने सीधे नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी. इस टक्कर के बाद बाइक पहले डिवाइडर और फिर बस से जा भिड़ी, जिससे नवजोत और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए.इस एफआईआर के सामने आने के बाद न केवल हादसे की गंभीरता बल्कि बाद की घटनाओं को लेकर भी पुलिस ने जांच तेज कर दी है. दिल्ली पुलिस ने बीएमडब्ल्यू कार को जब्त कर लिया है और आरोपी महिला और उसके पति से पूछताछ की तैयारी कर रही है. हादसे के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जुटाए जा रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके.


