जॉनी लीवर को हमेशा हंसते-मुस्कुराते और दूसरों को हंसाते हुए देखा गया है. लेकिन, उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में काफी तकलीफों का सामना किया है, जिसका खुलासा उनकी बेटी जेमी लिवर ने किया है. 90 के दशक के पॉपुलर कलाकारों में से एक माने जाने वाले जॉनी लीवर ने अपनी जिंदगी में सफलता के साथ-साथ काफी मुश्किल दौर का भी सामना किया है. अब हाल ही में उनकी बेटी जेमी ने दर्दनाक पल के बारे में बात की.
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में जेमी लीवर ने बताया कि जब वो स्कूल में पढ़ा करती थीं, तभी उनके भाई को ट्यूमर हो गया था. पहले तो किसी को समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है. लेकिन ट्यूमर के बढ़ने की वजह से भाई को काफी बेचैनी होने लगी थी. जेमी ने कहा कि उनका भाई ट्यूमर को छिपाने के लिए अलग तरीके से कपड़े पहनने लगा. वो और उनका भाई एक ही स्कूल में पढ़ा रहते थे. ऐसे में बड़ी बहन होने की वजह से वो अपने भाई का खास ख्याल रखती थीं.

जेमी ने कहा बताया कि उनके भाई की सर्जरी करवानी पड़ी, जो काफी मुश्किल था. उस दौरान उनकी और उनके पेरेंट्स की लाइफ पूरी तरह से बदल गई. उन्होंने बताया कि उनका परिवार और वो हमेशा से भगवान में काफी विश्वास रखते थे. लेकिन, इस घटना के बाद भगवान में उन लोगों का विश्वास और बढ़ गया. जेमी ने बताया कि उन्होंने अपने पेरेंट्स को काफी मुश्किल दौर से गुजरते देखा है. इतना ही नहीं उनके लिए भाई जेसी को सर्जरी और रिकवरी से गुजरते देखना काफी मुश्किल था.
जेसी ने आगे कहा कि उनके भाई की एक सर्जरी मुंबई में हुई थी, जो सफल नहीं हो सकी. उसके बाद दूसरी सर्जरी अमेरिका में हुई, जो बहुत लंबी चली. ये सब दो साल के अंदर हुआ. पहली सर्जरी के फेल होने के बाद जेमी और उनके परिवार ने प्रार्थना करना शुरू कर दिया. पूरा परिवार एक साथ मिलकर प्रार्थना करता था. लोग भी उनके घर आकर प्रार्थना किया करते थे. उन्होंने बताया कि उनके पिता घुटनों के बल बैठ कर प्रार्थना किया करते थे. उन्हें लग रहा था कि बेटी की सर्जरी करवानी चाहिए या नहीं. उस पल उनके पिता को महसूस हुआ जैसे भगवान ने कहा हो आगे बढ़ो.
जेमी ने बताया कि गर्मी की छुट्टियों में वो पूरे परिवार के संग अमेरिका गए थे. क्योंकि उनके पेरेंट्स जेसी की हर इच्छा पूरी करना चाहते थे. जब उनकी फैमिली एक चर्च में गई तो पादरी ने पूछा क्या हुआ. जब जेसी के बारे में पादरी को बताया गया तो उन्होंने एक अस्पताल का नाम बताया और कहा ईश्वर उसे ठीक कर देंगे. वहीं पर सर्जरी हुई और वो ठीक हो गया.


