भारत दिन-ब-दिन अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. यहां एक से बढ़कर एक बेहतरीन मिसाइलें बनाई जा रही हैं और कई उन्नत मिसाइलें बनाई जा चुकी हैं. यह न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से जरूरी है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्णं है. ये हथियार पड़ोसी देश के लिए भी एक बड़ा खतरा है. इनमें से कुछ मिसाइलें ऐसी भी हैं जो कि अपनी स्पीड और सटीकता की वजह से पाकिस्तान के कई शहरों को निशाना बना सकती हैं. इस रिपोर्ट में हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि ब्रह्मोस मिसाइल कितनी देर में इस्लामाबाद को तबाह कर देगी.

ब्रह्मोस की कितनी स्पीड है
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की बात करें तो इसकी रेंज 290-700 किमी है. वैरिएंट के आधार पर लेटेस्ट अपग्रेड के साथ यह 1500 किमी तक बढ़ सकती है. इस मिसाइल की स्पीड मैक 3.0 यानि यह साउंड की स्पीड से तीन गुना तेज चलती है. यह लगभग 3704 किमी/घंटे की गति से चलती है. इस मिसाइल का वजन 3000 किलोग्राम है और यह परमाणु हथियार ले जाने की भी क्षमता रखती है. इस मिसाइल को समुद्र, हवा और जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है. इस मिसाइल की खासियत है कि यह रडार से बचने के लिए 3-4 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है और बीच उड़ान में दिशा भी बदल सकती है.
दिल्ली से इस्लामाबाद कितनी देर में पहुंचेगी ब्रह्मोस
अब दिल्ली से इस्लामाबाद तक पहुंचने के समय की बात करें तो सबसे पहले यह जान लेते हैं कि साल 2022 में जब भारत ने गलती से हरियाणा के अंबाला से ब्रह्मोस को फायर कर दिया था तो वह पाकिस्तान के पंजाब के खानेवाल में जाकर गिरी थी. पीएएफ के एयर वाइस मार्शल तारिक जिया की मानें तो इस मिसाइल ने 3 मिनट 44 सेकेंड में पाकिस्तान में 124 किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी. इस हिसाब से देखा जाए तो दिल्ली से इस्लामाबाद की दूरी लगभग 801 किलोमीटर है. अगर इसकी स्पीड 3704 किमी/घंटे ही है तो इस हिसाब से दिल्ली से वहां तक मिसाइल पहुंचने में 12 से 13 मिनट का वक्त लगेगा.
दुनिया की सबसे ताकतवर मिसाइल
ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर बनाया है. यह दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है. इसकी सुपरसोनिक स्पीड सटीकता और दुश्मन के राडार पावर और एयर डिफेंस सिस्टम से इसे लगभग अजेय बनाती हैं. यह मिसाइल भारत के तीनों अंगों थल सेना, नौसेना और वायुसेना में तैनात है.


