Business : हाई-रिस्क AT1 बॉन्ड्स की मिस-सेलिंग के मामले में HDFC Bank ने15 अधिकारियों के खिलाफ की कार्रवाई

0
41

HDFC बैंक ने AT-1 (Additional Tier-1) बॉन्ड्स की कथित तौर पर गलत तरीके से बिक्री (Mis-selling) से जुड़े मामले में 15 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. AT-1 (Additional Tier-1) बॉन्ड्स की कथित तौर पर गलत तरीके से बिक्री (Mis-selling) से जुड़े मामले में HDFC बैंक ने अपने 15 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. निवेशकों ने आरोप लगाया है कि बैंक के कुछ अधिकारियों ने Credit Suisse के AT-1 बॉन्ड बेचते समय उन्हें इसके जोखिमों के बारे में जानकारी नहीं दी.

2020 के आखिर में जब बैंक को यह एहसास हुआ कि Credit Suisse की हालत ठीक नहीं है, तो उसने ये बॉन्ड्स निवेशकों को बेच दिए. जब ​​2023 में Credit Suisse को उसकी स्विस साथी कंपनी UBS ने खरीद लिया, तो नियामक आदेश के तहत इन बॉन्ड्स को बट्टे खाते में डाल दिया गया, जिससे निवेशकों में भारी हंगामा मच गया.

बैंक ने पहले 20 मार्च को तीन अधिकारियों—ब्रांच बैंकिंग के ग्रुप हेड संपत कुमार, Middle East, Africa और NRI ऑनशोर बिजनेस के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हर्ष गुप्ता और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पायल मंध्यान—के खिलाफ बॉन्ड्स की गलत बिक्री में उनकी कथित संलिप्तता के लिए कार्रवाई की थी. सूत्रों ने बताया कि अब यह बात सामने आई है कि 12 और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. यानी कि कुल 15 अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाए गए हैं.

सबसे पहले तो इसमें पूंजी डूबने का डर होता है. अगर बैंक की वित्तीय स्थिति खराब हो जाती है, तो RBI के पास इस बॉन्ड्स की वैल्यू जीरो करने या उन्हें इक्विटी में बदलने का अधिकार होता है. मार्च 2020 में जब Yes Bank डॅबने के कगार पर था, तब RBI ने 8415 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स को पूरी तरह से राइट-ऑफ कर दिया था. इससे इन बॉन्ड्स में पैसा लगाने वाले निवेशकों को झटका लगा क्याेंकि इसकी वैल्यू रातोंरात जीरो हो गई.

AT-1 बॉन्ड्स में बैंक बिना किसी पेनल्टी के इन पर मिलने वाले ब्याज को रोकने का अधिकार रखते हैं. इन जोखिमों के चलते SEBI ने AT-1 बॉन्ड्स की बिक्री के लिए नियम और कड़े कर दिए हैं. अब केवल संस्थागत निवेशक (Institutional buyers) या हाई नेटवर्थ वाले व्यक्ति को ही इसमें निवेश की अनुमति है. इसमें न्यूनतम निवेश की राशि भी बढ़ाकर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ कर दी गई है ताकि आम निवेशक इसमें न फंसे.

पिछले हफ्ते HDFC बैंक के शेयर NSE पर 1.17 परसेंटकी बढ़त के साथ 750.90 रुपये पर बंद हुए थे. मार्च 2026 में शेयर की कीमत 887 रुपये से गिरकर 781 रुपये पर आ गई है. यह मार्च 2020 के बाद इसका अब तक का सबसे खराब परफॉर्मेंस है. अब सोमवार को HDFC बैंक के शेयर फोकस में रहेंगे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here