देश में फिलहाल ईंधन या जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. भारत के पास तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और अगले 60 दिनों के लिए आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली गई है.
ईरान-इजरायल और अमेरिका में युद्ध के चलते देशभर में लॉकडाउन लगने की अफवाहों पर सरकार ने मजबूत और स्पष्ट रुख अपनाया है. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बारे में अटकलें पूरी तरह से बेबुनियाद हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है और जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि मौजूदा वैश्विक हालात के बावजूद देश में ईंधन या जरूरी सामान की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और अगले 60 दिनों के लिए आपूर्ति पहले ही सुरक्षित कर ली गई है. इसके अलावा, भारत अब 41 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिससे होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह की रुकावट का असर काफी हद तक कम हो गया है. हालांकि, सरकार के इस आश्वासन के बीच भी पैनिक बाइंग के चलते गैस एजेंसियों के सामने लंबी कतारें लगी हुई हैं.

इधर, तेल कंपनियों ने भी अपनी तैयारी बढ़ा दी है. पेट्रोल पंप मालिकों को अब पहले से ज्यादा क्रेडिट मिल रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी हाल में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो. सरकार का कहना है कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यातक भी है इसलिए इस समय किसी ‘राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल’ की कोई जरूरत नहीं है. अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि क्या 1 अप्रैल से LPG सिलेंडर के दाम बढ़ने वाले हैं या कीमतों में कुछ राहत मिलेगी?
मौजूदा स्थिति को देखते हुए राहत की उम्मीद तो बहुत कम है. ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं इसलिए अगर 1 अप्रैल, 2026 को LPG उपभोक्ताओं को किसी झटके का सामना करना पड़े, तो इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए.
तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर महीने की पहली तारीख को गैस की कीमतों की समीक्षा करती है. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी बनी हुई है. ऐसे में 1 अप्रैल से दाम बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
मार्च 2026 में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई. अब इसकी कीमत 853 के आसपास है. वहीं, मार्च में कमर्शियल सिलेंडर के दाम दिल्ली में 1768.50 रुपये तक पहुंच गए हैं. अगले महीने राहत मिलेगी या कीमतें बढ़ेंगी यह अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा. LPG के साथ-साथ CNG और PNG की कीमतों में भी 1 अप्रैल से बदलाव की संभावना है.

