Business : शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा सेंसेक्स; निफ्टी भी 110 अंक नीचे

0
11

आज सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 32 अंकों की बढ़त हासिल करने के बाद सेंसेक्स फिर से करीब 435 अंक नीचे चला गया है. वहीं, निफ्टी में भी 110 अंकों की गिरावटदेखी जा रही है. भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है. सुबह के कारोबार में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स अभी 77770.74 पर कारोबार कर रहा है. यह इसके पिछले बंद 78205.98 के मुकाबले लगभग 435 अंक या 0.56 परसेंट नीचे है. वहीं, NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 110 अंक लुढ़ककर 24150 पर ट्रेड करता दिख रहा है.

शुरुआती कारोबार में Wipro, Tata Steel, Power Grid, Bajaj Finserv, Tech Mahindra के शेयरों में बढ़त देखी जा रही है. वहीं, Kotak Mahindra Bank, ICICI Bank, HDFC Bank, Reliance Industries और Apollo Hospitals के शेयरों को नुकसान पहुंचा है. बैंक निफ्टी में गिरावट के चलते सेंसेक्स अभी लाल निशान में कारोबार कर रहा है.

एशियाई बाजारों का हाल

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी के चलते एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई 225 1.36 परसेंट उछला, जबकि टॉपिक्स में 1.22 परसेंट की तेजी देखने को मिली. दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने 2.52 परसेंट की बढ़त हासिल की, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.39 परसेंट तक चढ़ा. वहीं, हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,936 पर कारोबार करता नजर आया, जबकि इंडेक्स का पिछली क्लोजिंग 25959.9 पर हुई थी.

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट लाल निशान में बंद हुआ. इस दौरान निवेशकों की नजर तेल की कम हुई कीमतों और ईरान में जंग की स्थिति पर रही. S&P 500 0.21 परसेंट गिरकर 6781.48 पर बंद हुआ. इसी तरह से डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 34.29 अंक या 0.07 परसेंट लुढ़ककर 47706.51 पर बंद हुआ. हालांकि, नैस्डैक कंपोजिट 0.01 परसेंट बढ़कर 22697.10 पर बंद हुआ. बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर से ऊपर चली गईं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से ईरान में युद्ध समाप्त होने के संकेत मिलने के साथ WTI क्रूड की कीमतें 0.03 परसेंट गिरकर 83.43 पर कारोबार करती नजर आईं, जबकि ब्रेंट क्रूड पिछले सेशन के हाई लेवल 119.50 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर अब 87-90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में है.

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने ईरान के साथ युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद उन्हें कम करने के लिए अपने इतिहास में सबसे बड़े तेल भंडार (Emergency Oil Reserve) को जारी करने का प्रस्ताव दिया है. इसके तहत 182 मिलियन बैरल तेल से ज्यादा तेल जारी किया जाएगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here