BUSINESS : 1Ok ट्रांजेक्शन वाले RBI के नियम से घबराएं नहीं, इस ट्रिक से पलक झपकते ही होगा बड़े से बड़ा भुगतान

0
69

RBI के नए नियम में 10 हजार ट्रांजैक्शन पर 1 घंटे का Time lag होगा, लेकिन व्हाइटलिस्टिंग से भरोसेमंद लोगों को तुरंत पेमेंट किया जा सकेगा. जानिए इसके बारे में.

भारतीय रिजर्व बैंक RBI के जारी नए भुगतान नियमों को लेकर लोगों के बीच चर्चा चल रही है. खासतौर पर 10 हजार से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 1 घंटे के Time lag को लेकर कई लोग चिंतित हैं. हालांकि, इस पूरे सिस्टम में एक बेहद उपयोगी फीचर “व्हाइटलिस्टिंग (Whitelisting)” शामिल किया गया है, जो इसे और भी ज्यादा आसान बनाता है.

अब जानते हैं कि आखिरकार व्हाइटलिस्टिंग होता क्या है तो व्हाइटलिस्टिंग एक तरह की पक्की लिस्ट होती है, जिसमें आप अपने उन कॉन्टैक्ट्स या खातों को जोड़ सकते हैं, जिन्हें आप अक्सर पैसे भेजते हैं. इसमें परिवार के लोग, दोस्त और बिजली-पानी जैसे जरूरी बिल पेमेंट के प्राप्तकर्ता शामिल हो सकते हैं. अगर कोई पेमेंट व्हाइटलिस्टेड व्यक्ति को किया जा रहा है तो उस पर 10 हजार से ज्यादा की रकम होने के बाद भी 1 घंटे की देरी लागू नहीं की जाएगी और आपका पैसा उस व्यक्ति के पास तुरंत ट्रांसफर हो जाएगा. RBI के इस फीचर से काफी लोगों के दिक्कत का हल निकल गया है.

बता दें कि व्हाइटलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से ग्राहक की सहमति पर आधारित होती है.यूजर अपने बैंक ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए से यह तय कर सकता है कि किसे इस सूरक्षित लिस्ट में शामिल करना है. साथ ही बैंक भी यह चयन पूरी तरह से ग्राहक की अनुमति से किया गया है. इस फीचर की सबसे बड़ी जरूरत तब महसूस होती है जब किसी आपात स्थिति में तुरंत पैसे भेजने की आवश्यकता होती है, जैसे मडिकल इमरजेंसी या स्कूल फीस का भुगतान. ऐसे समय में व्हाइटलिस्टिंग के जरिए भुगतान बिना किसी देरी के पूरा हो जाता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here