BUSINESS : 40 लाख रुपये में मिलेगा 10 ग्राम सोना… 2050 तक शादी-ब्याह में गोल्ड की खरीदारी के लिए 1 करोड़ भी पड़ जाएगा कम

0
540

भारत में सोने की कीमत सालाना औसतन 10.83 परसेंट कंपाउंड वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रही है और पिछले 20 सालों में यह 14.35 परसेंट CAGR तक पहुंच गई है.देश में सोने की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे यह धीरे-धीरे आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है. आज दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में 24 कैरेट के 10 सोने की कीमत 1,43,760 रुपये है. वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,31,790 रुपये है.

महंगाई जैसे-जैसे बढ़ रही है पैसे की वैल्यू भी कम होती जा रही है. अकसर हम-आप यह कैलकुलेट करत रहे होते है कि 1 करोड़ रुपये की वैल्यू अगले दस या बीस सालों में कितनी रह जाएगी. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 2050 तक सोने की कीमत कितनी रह जाएगी? जाहिर सी बात है कि पैसे की वैल्यू कम होगी तो आज आप 1 करोड़ रुपये से जितना गोल्ड ले पाएंगे, उतना आप अगले दस या बीस सालों में इतनी ही रकम में नहीं ले पाएंगे. ऐसे में सिर्फ पैसे बचाना ही काफी नहीं है, बल्कि महंगाई को समझते हुए स्मार्ट इन्वेस्टमेंट की प्लानिंग भी जरूरी है.

बीते कुछ सालों में सोने की कीमतों में गजब का उछाल आया है. इससे इसके निवेशकों की संपत्ति भी कई गुना बढ़ी है. साल 2000 में 24-कैरेट सोने की कीमत सिर्फ 4,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और 2020 में 10 ग्राम के 24 कैरेट सोने की कीमत 50,000 रुपये थी. वहीं, आज यह 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार चला गया है. यानी कि महज छह सालों में सोने की कीमतें लगभग तीन गुना बढ़ गई हैं. बीते 30 साल के आंकड़े भी यही बताते हैं कि भारत में सोने की कीमत सालाना औसतन 10.83 परसेंट कंपाउंड वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) रही हैं. यानी कि सोने पर पहले किया गया आपका निवेश हर साल इस दर से बढ़ा है, जो FD से बेहतर रिटर्न को दर्शाते हैं.

रुपये का अवमूल्यन और महंगाई इसकी खास वजहें हैं. वैश्विक तनाव और अनिश्चितताओं और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी से सेफ हेवन के रूप में सोने की डिमांड बढ़ती जा रही है. ऐसे में इसकी कीमत भी अमेरिकी डॉलर में 5-7 परसेंट तक बढ़ी है. सोने पर दमदार रिटर्न को देखते हुए भी निवेशक इस ओर आकर्षित हो रहे हैं.

सोना चूंकि अब 1.40 लाख के ऊपर है, तो अब यह 14.6 परसेंट CAGR ग्रोथ रेट को दिखाता है. अगर अगले 25 सालों तक सोने की कीमतें इसी दर (14.6 परसेंट CAGR) से बढ़ती रहीं, तो 2050 में 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 40 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इसका मतलब है कि उस समय 1 करोड़ रुपये में सिर्फ 25 ग्राम सोना ही खरीदा जा सकेगा. हालांकि, ये कैलकुलेशन सिर्फ एक अनुमान है. सोने की कीमतें कई घरेलू और ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं, जैसे कि ब्याज दरें, डॉलर की स्थिति, सेंट्रल बैंक की नीतियां और ग्लोबल इकॉनमी. हालांकि, अनुमान के आधार पर देखे तो 2050 में सोने की कीमत 40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा या कम हो सकती है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here