भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. लेकिन इससे होम लोन की ईएमआई और इंटरेस्ट रेट्स पर कोई असल नहीं पड़ा है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) वाणिज्य बैंकों को शॉर्ट टर्म ऋण देती है, जिसे रेपो रेट कहा जाता है. लेटेस्ट मौद्रिक नीति (MPC) अप्रैल 2026 के मुताबिक RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है. इसे पहले की तरह ही 5.25 प्रतिशत पर ही रखा है. जिससे होम लोन लेने वालों को लाखों रुपये का फायदा हो रहा है. यही उम्मीद भी बाजारों को थी और RBI इन उम्मीदों पर खरा उतरा है.
इस बढ़ती हुई महंगाई में जब RBI ने रेपो रेट नहीं बदला है, तो ये लोन लेने वालों के लिए खुशखबरी ही है. यूएस ईरान युद्ध के बीच वैसे भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गैस सिलेंडर की किल्लत, यातायात में महंगाई, ऐसे में RBI ने बदलाव की जगह पर राहत देने पर फोकस किया है. जिससे लोगों को समस्याओं का सामना ना करना पड़े और पहले के कट का असर पूरी तरह दिख.

RBI के रेपो रेट में कोई बदलाव ना करने से होम लोन की EMI में तुरंत कोई फर्क नहीं पड़ेगा. लेकिन 2025 में बेसि पॉइंट की कटौती की वजह से उधार लेने वालों को पहले ही बड़ा फायदा मिला हुआ है. होम लोन के इंटरेस्ट रेट पहले की तरह ही रहेंगे. लॉन्ग टर्म की प्लानिंग है तो उसके लिए बजट बनाना आपके लिए आसान रहेगा. एक्सपर्ट्स की मानें तो रेपो रेट में बदला ना होने का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जो पहली बार घर लेने की प्लानिंग कर रहे हैं.
रियल एस्टेट का कारोबार लोन इंटरेस्ट पर ही डिपेंड करता है. ऐसे में रेपो रेट के कम या ज्यादा होने पर मार्केट पर ज्यादा असर पड़ता है. जब लोन रेट पहले से ही पता होता है तो ज्यादा से ज्यादा लोग प्रॉपर्टी खरीदने की प्लानिंग करने लगते हैं. डेवलपर्स भी अपने प्रोजेक्ट को और ज्यादा बेहतर बनाने की प्लानिंग कर सकते हैं. ऐसे में ये रिएस्टेट के लिए एक अच्छी डील है.

