यूपी की राजधानी लखनऊ में बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है. यहां 18 साल के स्टूडेंट ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है- – आप लोग मेरी गेमिंग से परेशान हैं…’ मृतक छात्र 12वीं में पढ़ रहा था. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है.
राजधानी लखनऊ से बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है. यहां ऑनलाइन गेमिंग की लत में एक परिवार की खुशियां छिन गईं. गोमतीनगर विस्तार में रहने वाले 18 साल के सिद्धार्थ ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. सिद्धार्थ 12वीं का छात्र था. उसे ऑनलाइन गेम्स खेलने का शौक था. परिवार के लोग नीचे कमरे में पहुंचे तो सिद्धार्थ फंदे से लटका मिला. आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, यह मामला गोमतीनगर विस्तार इलाके के छोटा भरवारा स्थित विकास विहार कॉलोनी का है. छोटा भरवारा स्थित विकास विहार कॉलोनी के रहने वाले सिद्धार्थ के पिता फार्मा कंपनी में एमआर हैं. घरवालों ने जब नीचे बने कमरे में झांका तो सिद्धार्थ फंदे से लटका मिला.सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया. सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा गया था और उसमें पढ़ाई और गेमिंग से जुड़ी परेशानियों का जिक्र किया गया था. सुसाइड नोट में लिखा है- आप लोग मेरी गेमिंग से परेशान हैं…’
पुलिस के मुताबिक, सुसाइड नोट अंग्रेजी में लिखा गया है. उसमें कहा गया है कि वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहा था. गेमिंग छोड़ने की कई बार कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा.नोट में यह भी जिक्र है कि उसे डर था कि कहीं गेमिंग के चलते आर्थिक नुकसान न हो जाए और परिवार को परेशानी का सामना न करना पड़े. उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराते हुए मां और पिता से एक-दूसरे का ख्याल रखने की बात लिखी है.
एसीपी गोमतीनगर बृज नारायण सिंह ने बताया कि सिद्धार्थ ऑनलाइन गेम खेलता था. शुरुआत में वह पैसों के साथ गेम खेलता था, लेकिन बाद में फ्री वर्जन पर खेलने लगा. बावजूद इसके गेमिंग की आदत इतनी गहरी हो गई कि वह इससे निकल नहीं पाया. पुलिस का कहना है कि फिलहाल शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)


