Himachal Weather: अगले तीन दिनों तक तेज बारिश और बर्फबारी की संभावना

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हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों, जिनमें रोहतांग दर्रा और अन्य प्रमुख दर्रे शामिल हैं, में बुधवार को भारी हिमपात हुआ है। हिमपात की मात्रा तीन फीट से अधिक रही है, और यह अभी भी जारी है। खासकर लाहुल स्पीति क्षेत्र में भारी हिमपात के कारण परिवहन सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। किन्नौर जिले के ऊपरी क्षेत्रों में भी चार से पांच इंच तक हिमपात हुआ है, जिससे यातायात और अन्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक तेज बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। चंबा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है, जबकि निचले क्षेत्रों में वर्षा का दौर जारी है। पांगी घाटी में भी एक से दो फीट तक हिमपात हुआ है, जिससे घाटी का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इस दौरान चंबा जिले में 63 ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 250 गांवों में अंधेरा छा गया है। मनाली शहर में भी बर्फ के फाहे गिरे हैं, जबकि प्रदेश के निचले क्षेत्रों में वर्षा हो रही है। इस विपरीत मौसम के कारण प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों को आपातकालीन सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए वीरवार तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा, कांगड़ा, चंबा और कुल्लू जिलों के अधिकांश स्थानों पर अगले तीन दिनों तक भारी वर्षा और हिमपात होने का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, प्रदेश के अन्य जिलों में आसमानी बिजली चमकने और अंधड़ के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रदेश में मौसम से जुड़े खतरों का सामना करना पड़ सकता है, और प्रशासन को सभी जरूरी उपायों की तैयारी करनी होगी।

रबी फसलों के साथ बागबानी को मिलेगी राहत

वर्षा व हिमपात कृषि-बागबानी के लिए राहत लेकर आए हैं। कृषि विभाग का कहना है कि यह वर्षा गेहूं और अन्य फसलों के लिए लाभदायक है। जबकि फलदार पौधों के सूखने का खतरा हिमपात व वर्षा होने से टल गया है। ऐसे में किसानों व बागबानों ने राहत की सांस ली है।

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