चंडीगढ़ नगर में बड़ी अनियमितता की खबर सामने आ रही है. शहर की एक प्राइवेट बैंक पर 116 रुपये में गड़बड़ी का आरोप है. चंडीगढ़ के सेक्टर 32 स्थित प्राइवेट बैंक में पिछले कुछ दिन पहले हरियाणा सरकार के 556 करोड़ रुपए में अनियमितता की खबर आई थी. इसके बाद अब इसी बैंक में चंडीगढ़ नगर निगम के 116 करोड़ रुपए की अनियमितता का मामला सामने आया है. इस संबंध में चंडीगढ़ पुलिस ने बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि और चंडीगढ़ नगर निगम के ठेके पर रखे गए अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
बैंक के जिस पूर्व ब्रांच मैनेजर के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया है उसे हरियाणा पुलिस ने पहले ही 556 करोड़ रुपए के सरकार के पैसे में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया है. आरोपी ने हरियाणा सरकार के पैसे उड़ा लिए थे. सरकार ने 24 घंटे में अपना पैसा वापस निकलवा लिया.

सरकार ने अपने पैसे की 24 घंटे में ब्याज के साथ रिकवरी कर ली थी. हलांकि इस घटना से प्रशासन में हड़कंप मच गया था. इस मामले में सीएम नायब सिंह सैनी ने खुद विधानसभा में सरकार का पैसा कैसे वापस आया था इस बात की जानकारी दी थी.
चंडीगढ़ पुलिस के मुताबिक ये अनियमितता उस वक्त सामने आई जब चंडीगढ़ नगर निगम ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के सारे पैसे जो इस बैंक में थे. उन्हें नगर निगम के पंजाब नेशनल बैंक के अकाउंट में ट्रांसफर के लिए लिखा.
चंडीगढ़ नगर निगम ने ये कदम हरियाणा सरकार के पैसे में गड़बड़ी के सामने आने के बाद उठाया था. नगर निगम द्वारा चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड का पैसा ट्रांसफर करने के लिए लिखने के बाद ये सामने आया कि जमा पैसे और जो पैसा अभी बैंक के पास है उसमें 116 करोड़ रुपए की अनियमितता है. फिलहाल इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुट गई है.


