UP : देश के पहले विस्टाडोम कोच ट्रेन सेवा की शुरुआत, पर्यटक उठा सकेंगे 109 किमी जंगल सफारी का लुफ्त

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प्रदेश में जंगल, वन्यजीव और प्रकृति के शौकीनों के लिए सीएम योगी की पहल पर उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां जंगल सफारी के लिए विस्टाडोम कोच ट्रेन सेवा शुरू की गई है.

उत्तर प्रदेश के पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर है. अगर आप भी जंगल, वन्यजीव और प्रकृति के शौकीन हैं, तो अब रोमांचक सफर के लिए ट्रेन से जंगल की सैर का आनंद उठा सकते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां जंगल सफारी के लिए विस्टाडोम कोच ट्रेन सेवा शुरू की गई है.

यह खास ट्रेन सेवा कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य से लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व तक शुरू की गई है, जिसमें विस्टाडोम कोच लगे हैं. इन कोचों की खिड़कियां और छतें पारदर्शी होती हैं, जिससे यात्री प्रकृति, जंगल और जानवरों को बेहद करीब से देख सकते हैं.

विस्टाडोम कोच ट्रेन सेवा की शुरुआत फिलहाल शनिवार और रविवार को की गई है. यह सफर लगभग 107 किलोमीटर का है और इस यात्रा में वेटलैंड, घास के मैदान, खेतों और घने जंगलों का खूबसूरत दृश्य देखने को मिलता है. सफर की कुल अवधि 4 घंटे 25 मिनट है. ट्रेन बिछिया (बहराइच) से सुबह 11:45 बजे चलकर मैलानी (लखीमपुर खीरी) दोपहर 4:10 बजे पहुंचती है. वापसी ट्रेन सुबह 6:05 बजे मैलानी से चलकर 10:30 बजे बिछिया पहुंचती है.

पर्यटन विभाग के निदेशक प्रखर मिश्रा के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच है कि दुधवा नेशनल पार्क, कतर्नियाघाट और किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य को एकीकृत कर राज्य के ‘One Destination Three Forest’ के रूप में पहचान दिलाई जाए. इसी उद्देश्य से इस सेवा की शुरुआत की गई है. यह सेवा अभी सप्ताह में दो दिन मिल रही है, लेकिन जल्द ही इसे सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध कराया जाएगा. इस सेवा से ना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में रोजगार के भी नए अवसर खुलेंगे.

उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म बोर्ड द्वारा सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए विशेष टूर की व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे जंगल और प्रकृति के महत्व को समझ सकें. इसके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ट्रैवल ब्लॉगर्स को भी इस सेवा से जोड़ा जा रहा है ताकि विस्टाडोम कोच सेवा का डिजिटल प्रचार-प्रसार हो सके. इस सेवा से होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और ट्रैवल एजेंसियों को सीधा फायदा मिलेगा. स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और इको टूरिज्म का विकास होगा.

 

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