हरियाणा की उच्च शिक्षा प्रणाली गंभीर संकट का सामना कर रही है। सूचना के अधिकतर (आर.टी.आई.) के तहत प्राप्त जानकारी से खुलासा हुआ है कि राज्य के सरकारी एवं एडिड कॉलेजों में लैक्चरर्स के आधे से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। 4465 लैक्चरर्स पदों पर भर्ती का इंतजार है जिससे शिक्षण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। हरियाणा में कुल 184 सरकारी कॉलेज और 97 एडिड (अनुदान प्राप्त) कॉलेज हैं लेकिन इन कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। 7986 स्वीकृत पदों में से केवल 3358 पर नियमित शिक्षक कार्यरत हैं जबकि 2058 अतिथि एवं एक्सटैंशन लैक्चरर्स के भरोसे शिक्षण कार्य चल रहा है। इसके बावजूद 4465 पद खाली पड़े हैं।

विषयों अनुसार शिक्षकों की स्थिति
सोनीपत के अधिवक्ता अमन दहिया द्वारा आर.टी.आई. के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार कई विषयों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। प्रमुख विषयों के पद खाली होने से शिक्षा चौपट हो रही है।
97 एडिड कॉलेजों में 39 में प्राचार्यों के पद भी खाली
खास बात यह है कि प्रदेश के 97 एडिड कॉलेजों में से वर्तमान में 39 कॉलेजों में प्राचार्यों के पद भी खाली हो गए हैं। हर माह खाली पदों की यह संख्या बढ़ती जा रही है। अचरज की बात यह है कि कई कॉलेजों में एक भी स्थायी लैक्चरर नहीं है। इसके अलावा हैड क्लर्क से लेकर स्वीपर तक के पद भी बहुतायत में खाली पड़े हैं।


