दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी को लेकर पीड़ित से शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की थी. टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर ठग की पहचान की और उसे झारखंड के जामताड़ा से गिरफ्तार कर लिया. दिल्ली वाले BSES से जुड़ी किसी भी परेशानियों को दूर करने के लिए अगर सोसल साइट पर जाकर ऑनलाइन सर्च करते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. ऐसा इसलिए कि आप एक छोटी सी गलती की वजह मेहनत की कमाई से हाथ धो बैठेंगे. इस तरह का एक नया मामला राजधानी दिल्ली में सामने आया है.

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के इस बड़े मामले को सुलझाते हुए झारखंड के जामताड़ा से 23 साल के ठग बिकाश मंडल को धर दबोचा. ये शातिर ठग BSES कस्टमर सपोर्ट के नाम पर लोगों को चूना लगाता था. इस बार उसने दिल्ली के आरके पुरम के एक शख्स से एक लाख रुपये ठग लिए.
साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सुरेंद्र चौधरी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 2 फरवरी 2025 को आरके पुरम सेक्टर-1 के एक शख्स ने BSES कनेक्शन के मालिकाना हक ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया. इसके बाद उसे एक अनजान नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को BSES का कर्मचारी बताया. उसने कहा कि CA नंबर अपडेट करना जरूरी है. फिर व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजा गया. जैसे ही शख्स ने लिंक पर क्लिक किया, उसके मोबाइल पर OTP आए और देखते ही देखते SBI कार्ड से दो बार 49,995 रुपये की ट्रांजैक्शन हो गई. शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस स्टेशन ने FIR नंबर 21/25 दर्ज कर जांच में जुटी थी.
जांच टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और स्मार्ट रणनीति से ठगों के बारे जानकारी इकट्ठा करनी शुरू कर दी. जांच के दौरान कॉल और व्हाट्सऐप नंबर की लोकेशन झारखंड के देवघर जिले के कोरो गांव में मिली. जब उसे ट्रैक किया गया तो सारे नंबर फर्जी सिम कार्ड्स के थे. फिर भी 14 अप्रैल को इंस्पेक्टर विकास बुलडाक की अगुआई में पुलिस टीम झारखंड पहुंची.
जामताड़ा जो साइबर क्राइम का गढ़ है, वहां रात के अंधेरे में छापा मारा गया. बिकाश मंडल को गांव के बाहर जंगल के पास एक घर में पाया गया. जैसे ही पुलिस पहुंची, वो जंगल की ओर भागा. रात के अंधेरे में जंगल में पीछा करना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी. आखिरकार 16 अप्रैल को 23 वर्षीय आरोपी बिकाश को पकड़ लिया गया. उसके पास से दो स्मार्टफोन बरामद हुए, जिनमें ठगी के सबूत मिले.
बता दें कि बिकाश मंडल झारखंड के देवघर का रहने वाला है. वो पहले भी साइबर ठगी के मामले में पकड़ा जा चुका है। इस बार उसने सिर्फ 5 दिन में पुलिस के हत्थे चढ़ गया था.

