जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 61 राष्ट्रीय राइफल्स और एसओजी थानामंडी ने संयुक्त तलाशी अभियान में गोला-बारूद और आपूर्ति सामग्री बरामद की. यह ऑपरेशन आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने में सफल रहा.

जम्मू. जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुस्तैदी साबित की है. कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी के आधार पर 61 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और विशेष अभियान समूह (एसओजी) थानामंडी ने संयुक्त रूप से मन्याल गली के जंगल में एक सफल तलाशी अभियान चलाया. इस अभियान में गोला-बारूद और आपूर्ति सामग्री की महत्वपूर्ण बरामदगी हुई. जो इलाके में संभावित आतंकी गतिविधियों की ओर इशारा करती है. यह ऑपरेशन सुरक्षा बलों की सतर्कता और समन्वय का एक और उदाहरण है. जिसने आतंकवादियों के मंसूबों को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई.
तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों ने कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद कीं. जिनमें 5 जीवित कारतूस, 1 ग्रेनेड (जिसे सेना ने सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया), 1 गैस सिलेंडर, 1 छोटा सोलर पैनल, मैगी नूडल्स का एक बड़ा पैकेट, दवाइयां और सूखे मेवे शामिल हैं. इन वस्तुओं की मौजूदगी से संकेत मिलता है कि यह स्थान आतंकवादियों का अस्थायी ठिकाना या आपूर्ति डिपो हो सकता है, जिसे हाल ही में छोड़ दिया गया हो. विशेषज्ञों का मानना है कि ये सामग्रियां आतंकियों द्वारा लंबे समय तक जंगल में छिपे रहने और हमले की योजना बनाने के लिए जमा की गई होंगी.
इस बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अपनी निगरानी तेज कर दी है. पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया गया है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके. अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ चल रही व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है.
फिलहाल, आगे की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इस ठिकाने से जुड़े आतंकियों की पहचान करने में जुटी हैं. यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह सामग्री किसी बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा थी. आने वाले दिनों में जांच से और महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है. इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है.


