दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उनमें कड़े फैसले लेने और उन्हें अंत तक लागू करने की क्षमता है, चाहे रास्ते में कितनी भी बाधाएं क्यों न हों.दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने पति मनीष गुप्ता को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि सक्सेस को लेकर मेरे पति को क्रेडिट जाता है. साथ ही उन्होंने माना का मुख्यमंत्री पद की कमान संभालने के बाद फैमिली टाइम में कमी आई है.

रेखा गुप्ता ने कहा, ”पहले वो दिल्ली के बाहर पढ़ रही अपनी बेटी और बेटे से हर दिन बात करती थीं. लेकिन अब वह उनसे 3-4 दिन में एक बार ही बात कर पाती हैं. पहले मैं अक्सर अपने पति से एक घंटे बात करती थी, लेकिन अब मुझे उनसे दस मिनट बात करने से पहले सोचना पड़ता है, इस डर से कि कहीं कोई फोन आने से बात बाधित न हो जाए.”
यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी सफलता के पीछे उनके पति का हाथ है? उन्होंने कहा, ”बिल्कुल, हां. उन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया. इसलिए, उनका (परिवार का) समर्थन और साथ एक बड़ा प्लस पॉइंट है जो आपको आगे बढ़ने में मदद करता है.” रेखा गुप्ता ने कहा, ”वह बड़े संयुक्त परिवार में रहती हैं, पति व्यवसायी हैं. उनके चार भाई और सास साथ रहती हैं.” उन्होंने कहा कि उनकी मां, तीन बहनें और एक भाई हैं. उनके पिता का कोविड के दौरान निधन हो गया.
दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में अपने नाम की घोषणा के बारे में बातचीत में रेखा गुप्ता ने कहा कि ऐसा लगा जैसे कोई फिल्म चल रही हो; मैंने खुद को चिकोटी काटकर आश्वस्त किया कि वाकई मुझे ही मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है.मुख्यमंत्री ने पहले की गई अपनी विवादित टिप्पणियों पर कहा कि मुझे गलतियां स्वीकार करने में कोई आपत्ति नहीं है. हम समय के साथ परिपक्व हो जाते हैं और बेहतर भाषा का प्रयोग करते हैं.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘ठुल्ला’ वाली अपनी हालिया टिप्पणी पर कहा कि पुलिसकर्मियों को आहत करने का कोई इरादा नहीं था. उनके प्रति बहुत सम्मान है.उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी एक संत हैं, गृहमंत्री अमित शाह एक साहसी व्यक्ति हैं, मैं उनके जैसा बनना चाहूंगी. उनमें निर्णय लेने की क्षमता है और वह वही करते हैं जो वह कहते हैं.”
उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधते हुए कहा, ”पूर्ववर्ती आप सरकार ने 10 रुपये का काम किया और 100 रुपये विज्ञापनों पर खर्च कर दिए; उन्होंने (आप ने) वास्तविक काम से ज्यादा प्रचार किया.”बता दें कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में 48 सीटें और आप ने 22 सीटें जीतीं. इस चुनाव में कांग्रेस दूसरी बार खाता भी नहीं खोल पाई. बीजेपी की जीत के बाद विधायक दल की बैठक में रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगी और वो मुख्यमंत्री बनीं.


