देश में वक्फ बिल संशोधन को लेकर माहौल गरमाया हुआ है. इसको लेकर पक्ष और विपक्ष दो हिस्सों में बंट चुके हैं. इस मामले पर एक रिपोर्ट जारी की गई है, जो देश में मौजूद वक्फ संपत्तियों के बारे में जानकारी देती है. भारत की 39 लाख एकड़ जमीन, यानी देश के कुल 812 लाख एकड़ का 4.8 फीसदी, सिर्फ वक्फ बोर्डों के अधीन है. यह जमीन भारत के सुरक्षा बलों (17.99 लाख एकड़) और रेलवे (12.11 लाख एकड़) की कुल 30 लाख एकड़ से भी ज्यादा है. इस बात की जानकारी गृहमंत्री अमित शाह संसद में दी थी.

वक्फ एक ऐसी संपत्ति होती है जो इस्लामी कानून के तहत धार्मिक या धर्मार्थ कार्यों के लिए दान की जाती है. एक बार वक्फ में दी गई संपत्ति को बेचना, स्थानांतरित करना या इस्तेमाल करना निषिद्ध होता है, क्योंकि यह संपत्ति अल्लाह के नाम पर सुरक्षित मानी जाती है. देश में वक्फ बोर्ड से जुड़े डेटा के मुताबिक साल 2013 में 18 लाख एकड़ जमीन थी. उसके बाद महज 12 सालों बाद यानी 2025 में ये आकंड़ा 39 लाख तक बढ़ गया. इसमे में 21 लाख एकड़ की बढ़ोतरी देखी गई.
वक्फ संपत्तियों पर विवाद
वक्फ संपत्तियों को लेकर विवादों का मुख्य कारण है कि कैसे और किन आधारों पर उन्हें वक्फ घोषित किया गया. सबसे बड़ा विवाद रहा है वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 40, जो वक्फ न्यायाधिकरण को अंतिम निर्णायक अधिकार देती थी. 2025 में लाया गया वक्फ संशोधन विधेयक जिसे अब उम्मीद विधेयक कहा जा रहा है. उसमें से धारा 40 को खत्म कर दिया. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे सबसे कठोर प्रावधान करार दिया और आरोप लगाया कि इसके जरिए संपत्तियों को मनमाने तरीके से वक्फ घोषित किया गया. सरकार के अनुसार, 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों में से 4.02 लाख ऐसी हैं जो दीर्घकालिक धार्मिक इस्तेमाल के आधार पर वक्फ घोषित की गईं. इसका अर्थ है कि कोई संपत्ति, भले ही निजी हो, अगर सालों से वहां धार्मिक गतिविधि हो रही हो तो उसे वक्फ में बदला जा सकता है.
भारत के बड़े शहरों से वक्फ भूमि
जब हम वक्फ भूमि की तुलना भारत के प्रमुख शहरों से करते हैं, तो पता चलता है कि वक्फ के पास इतनी भूमि है जितनी देश के 13 सबसे बड़े शहरों के कुल क्षेत्रफल के बराबर है.
शहर क्षेत्रफल (लाख एकड़)
दिल्ली 3.60
मुंबई 1.50
बेंगलुरु 2.20
चेन्नई 1.00
हैदराबाद 1.70
कोलकाता 1.20
पुणे 1.275
अहमदाबाद 1.31
कुल 13.785 लाख एकड़, जबकि वक्फ भूमि 39 लाख एकड़ है – यानी इन सभी शहरों के कुल क्षेत्रफल का लगभग तीन गुना.
वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन
भारत में वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन बहुत ही जटिल और बहुस्तरीय है. इसमें कई सारे लोग वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन के देखभाल का काम करते हैं. इसमें मुतवल्ली की भूमिका होती है. ये वह व्यक्ति होता है जो वक्फ संपत्ति का भौतिक और वित्तीय प्रबंधन करता है. वह बोर्ड को रिपोर्ट करता है और संपत्ति के उपयोग को इस्लामी नियमों के अनुसार सुनिश्चित करता है. भारत में 32 राज्य वक्फ बोर्ड हैं और इनके ऊपर केंद्रीय वक्फ परिषद है जो नीति संबंधी सुझाव देती है.


