मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोरोना में जान गंवाने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स के छह परिवारों को ₹1 करोड़ आर्थिक सहायता दी और उनके बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कोरोना काल में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स के परिवारों से मुलाकात कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने छह परिवारों को वर्षों से लंबित एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और आश्वस्त किया कि सरकार सम्मान, संवेदना और संकल्प के साथ हर परिस्थिति में उनके साथ दृढ़ता से खड़ी है.
इस अवसर पर दिल्ली पुलिस ट्रैफिक यूनिट के एएसआई राधे श्याम के परिजनों को भी ₹1 करोड़ की सहायता राशि दी गई, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहायता उस अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन यह सरकार के उस अटूट संकल्प का प्रतीक है कि इन कर्मयोगियों का बलिदान सदैव स्मरण में रहेगा और दिल्ली उनके प्रति हमेशा खड़ी रहेगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने इन परिवारों को अतीत में हुई मुश्किलों, खासकर पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई देरी का भी संज्ञान लिया. कई लोगों को प्रक्रियागत देरी और मुआवज़े के देर से मिलने के कारण लंबे समय तक इंतज़ार करना पड़ा था. उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि अब ऐसे मामलों को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि किसी भी पात्र परिवार को सहायता मिलने में अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े. उनके शब्दों से वहां मौजूद लोगों को साफ तौर पर राहत और तसल्ली मिली.
ये छह लाभार्थी MCD, DTC, दिल्ली जल बोर्ड, इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, NDMC और मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज जैसे विभिन्न सरकारी निकायों से जुड़े थे. पैरामेडिकल स्टाफ ने अस्पतालों और टेस्टिंग सेंटरों में काम करते हुए अपनी जान जोखिम में डाली, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों ने लॉकडाउन के दौरान पानी की सप्लाई, सफाई और ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं की बिना किसी रुकावट के डिलीवरी सुनिश्चित की.


