MAHARASHTRA : औरंगजेब का पुतला फूंकने पर बजरंगदल का जिला प्रमुख गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

0
89

महाराष्ट्र से शुरू हुए औरंगजेब विवाद पर सियासी घमासान पूरे देश में देखा जा रहा है. पहले राजनीतिक रूप लेने वाला औरंगजेब पर विवादित बयान महाराष्ट्र के सपा नेता अबू आजमी ने दिया था. जिसके बाद पूरे देश में बीजेपी विपक्ष पर हमलावर हुई. धीरे-धीरे ये मुद्दा आग की तरह अलग अलग शहरों में देखने को मिला.

तमाम राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हुई, तमाम कटाक्ष एक दूसरे पर किए, उसके बाद ये मुद्दा धार्मिक रूप में बदला और सिख समुदाय ने इस विवाद को लेकर सपा को घेर लिया. लेकिन हर रोज एक नया मामला सामने आता जा रहा है. जिसके चलते कानपुर में शिवाजी महाराज की मूर्ति के सामने बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने औरंगजेब का पुतला फूंक दिया. जिसको लेकर पुलिस हरकत में आई और बवाल बढ़ते देख बजरंग दल के जिला प्रमुख समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और जिला प्रमुख को गिरफ्तार किया गया.

कानपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने क्रूर और मुगल शासक औरंगजेब का पुतला बनाकर शिवाजी की प्रतिमा के सामने जोरदार प्रदर्शन और हंगामा कर फूंक दिया. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि देश के महान लोगों का अपमान हो रहा है. औरंगजेब जैसे शासक के कसीदे पढ़कर लोग उन्हें महान बना रहे हैं. बजरंग दल जिला प्रमुख कृष्ण तिवारी ने मीडिया के सामने कहा कि देश के इतिहास को तोड़ मरोड़कर दिखाया जा रहा है. जिन्हें जानकारी भी नहीं है वो औरंगजेब जैसे शासक को महान बना रहे हैं. जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वहीं इन बातों को कहते हुए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने शिवाजी प्रतिमा के सामने औरंगजेब का पुतला फूंक दिया. जिससे माहौल बदल गया. पुलिस हरकत में आई और उसने जिला प्रमुख समेत अन्य साथियों समेत बिना अनुमति के इस तरह के प्रदर्शन करने को लेकर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कृष्ण तिवारी को गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया गया है.

वहीं इस मामले को लेकर एडिशन सीपी हरिश्चंद्र ने बताया कि कृष्ण तिवारी की गिरफ्तारी बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के साथ माहौल खराब करने की धारा में एफआईआर दर्ज करने के बाद हुई है. इस मामले में कुछ लोग अज्ञात है, जिनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है. वहीं पुलिस अधिकारियों ने बजरंग दल कार्यकताओं समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी बात की है. जिसके मुताबिक उन्हें कृष्ण और इस कार्यक्रम की जानकारी ही नहीं थी. कृष्णा के प्रदर्शन को बजरंग दल की ओर से निजी कार्यक्रम करार दिया गया है.

इस कार्रवाई से शहर में हिंदू संगठनों में कहीं न कहीं गुस्सा भी है. वहीं बीजेपी के कुछ नेता भी इस कार्रवाई से कानपुर पुलिस के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं. लेकिन सूत्रों की माने तो कृष्ण तिवारी के कई गंदे कामों में शामिल होने के कयास भी लगाए जा रहे है. गौकशी, तस्करी, समेत अन्य क्षेत्रों मामलों में भी कृष्ण के खिलाफ शिकायतों की जांच की जा रही है.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here