दादरी जिले में डॉक्टर दंपति ने बिना दहेज के एक रूपए में शादी कर समाज के लिए एक मिसाल पेश की है। दादरी निवासी रिटायर्ड कृषि विभाग के एसडीओ डा. रमेश रोहिल्ला की पहल पर उनके न्यूरोलॉजिस्ट बेटे डा. अरूण रोहिल्ला ने भिवानी जिला निवासी डा. संतोष से बिना दहेज के शादी कर एक अनुकरणीय पहल शुरू की है। जिसकी क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है।

बता दें कि दादरी निवासी डॉ. अरूण सिंह और भिवानी जिला निवासी डॉ. संतोष ने दहेज लेने व देने की कुप्रथा से हटकर बिना दहेज के शादी की मिसाल पेश की और दूसरे लोगों को भी इसका अनुकरण करने का संदेश दिया है। रिटायर्ड कृषि अधिकारी बेटे अरूण सिंह जो मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी हैं और बतौर न्यूरोलॉजिस्ट दादरी में एक नामी अस्पताल में अपनी सेवाएं देते हैं। उनकी 7 फरवरी को शादी हुई है। उनकी बारात भिवानी जिले के झुप्पा कलां गई थी जहां एचएयू से पीएचडी डा. संतोष से उनकी शादी हुई। खास बात ये रही कि ये एक अरेंज मैरिज थी जो बिना दान-दहेज के हुई है।

वहीं रिटायर्ड अधिकारी डॉ. रमेश रोहिल्ला ने बताया कि उसने पहले ही दान-दहेज लेने से मना कर दिया था। उनकी पुत्रवधु केवल एक सूटकेस लेकर घर आई। उन्हें खुशी है कि उनके बेटे व पुत्रवधु और उनके परिवार ने दहेज विरोधी मुहिम पहल में उनका साथ दिया। रोहिल्ला ने बताया कि उनके बड़े बेटे नवदीप और पुत्रवधु अंजली यूएसए में रहते हैं। नवदीप ने साल 2020 में पानीपत निवासी अंजली से लव मैरिज की थी उस समय भी उन्होंने दान-दहेज नहीं लिया और बिना दहेज के ही शादी की थी।


